अधिकारी ने खुद को बताया निर्दोष
कुरुक्षेत्र , हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में एक महिला सरपंच को देर रात ऑफिस बुलाने के मामले में ब्लॉक डेवलपमेंट एंड पंचायत ऑफिसर (BDPO) नरेंद्र ढुल को बुधवार को सस्पेंड कर दिया गया। इस मामले को लेकर सरपंच एसोसिएशन ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था और चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर आरोपी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए BDPO पर कार्रवाई की।
क्या है पूरा मामला?
कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद ब्लॉक में तैनात BDPO नरेंद्र ढुल पर आरोप है कि उन्होंने एक महिला सरपंच को देर रात अपने ऑफिस बुलाया। इस घटना को लेकर सरपंच एसोसिएशन ने नाराजगी जाहिर की और इसे महिला प्रतिनिधियों के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया। एसोसिएशन का कहना था कि किसी भी सरकारी अधिकारी को महिला जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का व्यवहार करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
इसके बाद सरपंच एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री से बातचीत के कुछ घंटों बाद ही BDPO नरेंद्र ढुल को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया गया।
BDPO नरेंद्र ढुल ने दी सफाई
सस्पेंड होने के बाद BDPO नरेंद्र ढुल ने शाहाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा, “मैं 23 साल से ईमानदारी से सरकारी सेवा कर रहा हूं। मेरे पास न कोई कार है और न ही अपना घर। अगर मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार या किसी भी तरह की अनियमितता के सबूत हैं, तो सरपंच उन्हें पेश करे। बिना किसी ठोस सबूत के मुझ पर कार्रवाई गलत है।”
उन्होंने यह भी कहा कि यह पूरा मामला साजिश के तहत उछाला गया है और उन्होंने कोई गलती नहीं की।
सरपंच एसोसिएशन का रुख सख्त
सरपंच एसोसिएशन ने सरकार की इस कार्रवाई का स्वागत किया लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि अगर भविष्य में महिला जनप्रतिनिधियों के साथ ऐसा कोई मामला सामने आया तो वे और बड़ा आंदोलन करेंगे। संगठन ने मांग की कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ निष्पक्ष जांच हो और उन्हें जल्द से जल्द विभाग से हटाया जाए।
एसोसिएशन का कहना है कि महिला सरपंचों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए और किसी भी सरकारी अधिकारी को उनका शोषण करने या अनुचित व्यवहार करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
सरकार का रुख और अगली कार्रवाई
हरियाणा सरकार ने इस मामले को गंभीर मानते हुए BDPO को सस्पेंड कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और अगर अधिकारी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या निकलकर आता है और क्या BDPO नरेंद्र ढुल को इस मामले में कोई राहत मिलती है या नहीं। वहीं, सरपंच एसोसिएशन इस मुद्दे पर लगातार नजर बनाए हुए है और सरकार पर दबाव बना रहा है कि वह महिला जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता दे।