
आरटीआई खुलासा:
चंडीगढ़, 6 मार्च:
किसानों से किए गए वादों और कृषि सुधारों पर मोदी सरकार की गंभीरता को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है।
आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर द्वारा दायर एक आरटीआई से यह सामने आया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट पिछले ढाई वर्षों से लंबित है।
चार साल बाद भी अधूरा किसान आंदोलन का समझौता
वर्ष 2020-21 में हुए ऐतिहासिक किसान आंदोलन के बाद, केंद्र सरकार ने दिसंबर 2021 में तीन कृषि कानूनों को वापस ले लिया था।
तब किसानों से कई वादे किए गए थे, लेकिन इस समझौते की शर्तों को लागू करने के संबंध में मोदी सरकार के पास कोई आधिकारिक सूचना तक नहीं है।
पीपी कपूर ने केंद्रीय कृषि मंत्रालय से आरटीआई के तहत निम्नलिखित जानकारियां मांगी थीं—
1️⃣ केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच हुए समझौते की कॉपी।
2️⃣ समझौते की शर्तों को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट।
3️⃣ न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी पर सरकार द्वारा उठाए गए कदम।
4️⃣ 2014 से 2024 के बीच किसानों की आय में हुई वृद्धि का आधिकारिक डेटा।
5️⃣ तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने का आधिकारिक नोटिफिकेशन।
सरकार ने आरटीआई में क्या जवाब दिया?
कृषि मंत्रालय के उप सचिव एवं केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी ने 4 मार्च 2025 के पत्र में यह स्वीकार किया कि
👉 सरकार के पास किसान आंदोलन के दौरान हुए समझौतों और उनकी शर्तों को लागू करने के बारे में कोई रिकॉर्ड नहीं है।
👉 न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद को कानूनी गारंटी देने के लिए अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
MSP कानून पर उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट भी अधर में
- मोदी सरकार ने 12 जुलाई 2022 को पूर्व कृषि सचिव संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था, जिसका उद्देश्य एमएसपी की कानूनी गारंटी पर सुझाव देना था।
- लेकिन ढाई साल बीत जाने के बाद भी इस समिति की रिपोर्ट लंबित है।
किसानों की आय दोगुनी करने का दावा भी फेल?
- 2014 में मोदी सरकार ने किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करने का वादा किया था।
- लेकिन कृषि क्षेत्र में आर्थिक तंगी और कर्ज के कारण किसान आत्महत्याएं जारी हैं।
- खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है, और सरकार के पास इस पर ठोस डेटा तक नहीं है।
सरकार किसानों से कर रही है धोखा: पीपी कपूर
आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर का कहना है कि यह खुलासा साबित करता है कि मोदी सरकार ने किसानों के साथ खुला धोखा किया है।
👉 सरकार एमएसपी की कानूनी गारंटी पर कोई कदम नहीं उठा रही।
👉 किसानों की आय दोगुनी करने की योजना सिर्फ भाषणों तक सीमित रही।
👉 कृषि सुधारों पर बनी उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट सरकार ने दबा दी।
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या मोदी सरकार इन खुलासों के बाद कोई ठोस कदम उठाएगी, या यह वादे सिर्फ चुनावी नारे ही बने रहेंगे?