
पुलिस के साथ निर्दलीय प्रत्याशियों ने तैनात किए बाउंसर
गुरुग्राम, मानेसर (6 मार्च): मानेसर और गुरुग्राम नगर निगम चुनाव संपन्न हो चुके हैं। अब प्रत्याशियों की राजनीतिक किस्मत ईवीएम मशीनों में कैद है, जिसकी गिनती 12 मार्च को होगी। लेकिन परिणाम घोषित होने से पहले ईवीएम की सुरक्षा को लेकर प्रत्याशियों में बेचैनी देखी जा रही है।
🔹 ईवीएम सुरक्षा को लेकर कड़ी निगरानी
ईवीएम मशीनों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने हरियाणा पुलिस के जवानों को तैनात किया है। वहीं, कुछ निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी अपने निजी बाउंसर और सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं। निर्दलीय प्रत्याशियों को आशंका है कि सत्ताधारी भाजपा चुनाव परिणाम से पहले ईवीएम में छेड़छाड़ कर सकती है, इसलिए उन्होंने अपने समर्थकों को मानेसर सेक्टर-1 एचएसआईडीसी कम्युनिटी सेंटर पर तैनात कर दिया है।
गुरुग्राम में भी ईवीएम मशीनें कड़ी सुरक्षा घेरे में रखी गई हैं। चुनावी नतीजे आने तक प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है।
🔹 प्रत्याशियों की चिंता और सुरक्षा के विशेष इंतजाम
- प्रत्याशी ईवीएम की सुरक्षा को लेकर लगातार मतदान केंद्रों का दौरा कर रहे हैं।
- प्रशासन ने पहले से सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी अपने निजी कैमरे लगवा लिए हैं ताकि ईवीएम के आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
- गुरुग्राम और मानेसर में जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार ईवीएम के नजदीक किसी को जाने की अनुमति नहीं है।
🔹 हार-जीत के अंतर पर कयास
सूत्रों के मुताबिक, इस बार मानेसर नगर निगम चुनाव में हार-जीत का अंतर बहुत कम वोटों का हो सकता है। यही कारण है कि प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी अधिक सतर्क हो गए हैं और परिणाम घोषित होने तक किसी भी तरह की अनहोनी से बचना चाहते हैं।
🔹 प्रशासन का रुख: कोई छूट नहीं मिलेगी
मानेसर और गुरुग्राम प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि ईवीएम मशीनों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी।
- जिला उपायुक्त अजय कुमार ने निर्देश दिए हैं कि ईवीएम वाले स्थान पर किसी को जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- पुलिस अधिकारी भी सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी कर रहे हैं और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।
📌 12 मार्च को खुलेगा प्रत्याशियों की किस्मत का ताला
अब से 6 दिन बाद, यानी 12 मार्च को वोटों की गिनती होगी और चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की हार-जीत का फैसला होगा। प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ती जा रही है और सभी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा इंतजामों पर नजर बनाए हुए हैं।
नतीजों से पहले मानेसर और गुरुग्राम में ईवीएम की सुरक्षा को लेकर चल रही यह हलचल यह साबित करती है कि इस बार का चुनाव कांटे का होने वाला है।