
भिवानी: अक्षय कुमार की फिल्म स्पेशल-26 की तर्ज पर
भिवानी, 7 मार्च – अक्षय कुमार की मशहूर फिल्म स्पेशल-26 की तर्ज पर एक गिरोह द्वारा फर्जी भर्ती करके युवाओं से ठगी करने का मामला सामने आया है। भिवानी पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके कई सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी वेबसाइट के माध्यम से नौकरी के लिए आवेदन फार्म भरवाता था, फिर फर्जी परीक्षा, इंटरव्यू और नियुक्ति पत्र जारी कर युवाओं से पैसे ठगता था।
फर्जी भर्ती का तरीका
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने शगुन ग्रामीण हैल्थ एंड फैमिली काउंसिल के नाम से एक नकली संगठन बनाया था, जिसके जरिए वे सरकारी योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, लड़की सम्मान योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, और प्रधानमंत्री शादी शगुन योजना के नाम पर ठगी करते थे। गिरोह ने भिवानी, यमुनानगर और जींद में कई ऑफिस स्थापित किए थे, जहां से ये धोखाधड़ी के काम किए जाते थे।
गिरोह के सदस्य फर्जी तरीके से एरिया इंस्पेक्टर, फील्ड सुपरवाइजर और एमपीएस जैसे पदों के लिए नौकरी का विज्ञापन देते थे और उम्मीदवारों से दो से चार लाख रुपये तक की उगाही करते थे। इस प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों से फर्जी आवेदन फॉर्म भरवाए जाते थे, और फिर पेपर और इंटरव्यू के बाद फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए जाते थे।
अशंका पर गिरफ्तारियाँ
इस गिरोह का खुलासा तब हुआ जब एक युवा को इन फर्जी नियुक्तियों के बारे में शक हुआ और उसने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किया गया।
पुलिस द्वारा बरामद सामान
पुलिस ने गिरोह के पास से कुल एक लाख 57 हजार रुपये नकद, उनके खातों में एक लाख 21 हजार रुपये की राशि फ्रीज की, दो चांदी के सिक्के, दो अंगूठियां, एक कंप्यूटर, 13 मोबाइल फोन, 11 पासबुक, 11 एटीएम कार्ड, 43 रजिस्टर और 8 पेमेंट स्लिप बरामद की हैं। इन सभी चीजों से यह स्पष्ट हो गया कि यह गिरोह एक संगठित तरीके से युवाओं को ठगने का काम कर रहा था।
साईबर सैल इंस्पेक्टर की प्रतिक्रिया
साईबर सैल इंस्पेक्टर विकास ने इस मामले पर जानकारी दी और बताया कि यह गिरोह पूरी तरह से धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े में लिप्त था। गिरोह के सदस्य फर्जी वेबसाइटों और कागजात का उपयोग करके बेरोजगार युवाओं से पैसे लेकर उन्हें नौकरी के नाम पर ठगते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है और मामले की गहन जांच की जा रही है। भिवानी पुलिस द्वारा इस गिरोह की गिरफ्तारी से यह साबित होता है कि बेरोजगार युवाओं को नौकरी के नाम पर ठगने के लिए अपराधी किस हद तक जा सकते हैं। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नौकरी के लिए आवेदन करते समय सतर्क रहें और किसी भी तरह के फर्जीवाड़े से बचने के लिए पूरी जांच-पड़ताल करें।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से आगे की पूछताछ की जा रही है और पुलिस ने इस प्रकार के ठगी के मामलों को रोकने के लिए और भी कड़ी निगरानी रखने की योजना बनाई है।