
जानें शुभ मुहूर्त और ग्रहों की स्थिति
🔹 विक्रम संवत: 2081
🔹 संवत्सर नाम: कालयुक्त
🔹 संवत्सर राजा: मंगल
🔹 संवत्सर मंत्री: शनि
🔹 ऋतु: वसंत
🔹 सूर्योदय: प्रातः 6:41
🔹 सूर्यास्त: सायं 6:23
🔹 तिथि: फाल्गुन शुक्ल एकादशी (प्रातः 7:45 तक)
🔹 दिन: सोमवार
🌕 चंद्रमा की स्थिति और नक्षत्र
🔹 चंद्रमा: कर्क राशि में
🔹 नक्षत्र: पुष्य (रात्रि 11:55 तक), फिर आश्लेषा
🔹 नक्षत्र स्वामी: शनि/बुद्ध
🛐 आज के विशेष पर्व और धार्मिक महत्त्व
आज आमलकी एकादशी मनाई जा रही है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा विशेष रूप से आंवले के वृक्ष के नीचे करने का महत्व बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन व्रत और दान करने से जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
इसके अलावा, गोविंद द्वादशी/भीष्म द्वादशी/तिल द्वादशी का भी विशेष महत्व है। इस दिन ब्राह्मणों को दान देने, यज्ञ करने और पितरों को तर्पण करने से अत्यधिक पुण्य की प्राप्ति होती है।
🔮 ज्योतिषीय योग और उपाय
🔹 शोभन योग (दोपहर 1:57 तक): इस योग में किए गए कार्य सफल होते हैं। व्यापार, निवेश और यात्रा के लिए यह योग शुभ माना जाता है।
🔹 अतिगंड योग (दोपहर 1:35 के बाद): यह अशुभ माना जाता है, इसलिए महत्वपूर्ण कार्यों को इस योग में करने से बचें।
📍 शुभ दिशा और दिशा शूल
🔹 शुभ दिशा: पूर्व, उत्तर, दक्षिण-पूर्व
🔹 दिशा शूल: पश्चिम दिशा की यात्रा करने से बचें। यदि यात्रा आवश्यक हो, तो दलिया और घी का सेवन करके प्रस्थान करें।
🪐 ग्रहों की स्थिति
🔹 सूर्य: कुंभ राशि, पूर्व भाद्रपद नक्षत्र
🔹 मंगल: मिथुन राशि, पुनर्वसु नक्षत्र
🔹 बुद्ध: मीन राशि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र
🔹 गुरु: वृष राशि, रोहिणी नक्षत्र
🔹 शुक्र (वक्री): मीन राशि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र
🔹 शनि (अस्त): कुंभ राशि, पूर्व भाद्रपद नक्षत्र
🔹 राहु: मीन राशि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र
🔹 केतु: कन्या राशि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र
🤬 राहु काल
🔹 प्रातः 8:05 से 9:34 तक – इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने से बचें।
📜 दैनिक लग्न सारणी
🔹 प्रातः 6:53 तक – कुम्भ
🔹 8:17 तक – मीन
🔹 9:53 तक – मेष
🔹 11:48 तक – वृष
🔹 दोपहर 2:02 तक – मिथुन
🔹 सायं 4:23 तक – कर्क
🔹 6:41 तक – सिंह
🔹 रात्रि 8:56 तक – कन्या
⚡ आज के दिन क्या करें और क्या न करें?
✅ करें:
- भगवान विष्णु की पूजा करें और आमलकी एकादशी व्रत रखें।
- आंवले के पेड़ की पूजा करें और जरूरतमंदों को भोजन दान करें।
- यात्रा से पहले शुभ मुहूर्त और दिशा का ध्यान रखें।
❌ न करें:
- राहु काल में महत्वपूर्ण कार्य न करें।
- अतिगंड योग के दौरान नए कार्यों की शुरुआत न करें।
- पश्चिम दिशा की यात्रा करने से बचें।
आज का दिन आध्यात्मिक साधना और भक्ति के लिए विशेष माना जा रहा है। भगवान विष्णु की आराधना करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी।
🔔 (जय श्री कृष्ण! सब सुखी व स्वस्थ रहें 🙏🌿)