
गुरुग्राम, सोहना (10 मार्च) – दिल्ली के नजदीक स्थित गुरुग्राम जिले के सोहना क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों और फार्म हाउसों पर गुरुवार को डीटीपी विभाग ने भारी तोड़फोड़ की कार्रवाई की। इस दौरान, अधिकारियों ने भारी पुलिस बल के साथ सोहना कस्बे के विभिन्न गांवों में बनाई जा रही अवैध कॉलोनियों और आलीशान मकानों को तहस-नहस कर दिया।
अवैध कॉलोनियों की बढ़ती संख्या
गुरुग्राम के डीटीपी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई अवैध कॉलोनियों की बढ़ती संख्या और अनियमित निर्माण कार्यों के कारण की गई। गुरुग्राम में अवैध कॉलोनियों का जाल फैलने से प्रशासन को बड़ी परेशानी हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि कई बार तोड़फोड़ की कार्रवाई के बावजूद अवैध कॉलोनियों का निर्माण और विस्तार रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
ग्रामीणों का विरोध
जब डीटीपी विभाग के अधिकारी और भारी पुलिस बल अवैध कॉलोनी तोड़ने पहुंचे, तो आसपास के ग्रामीणों ने विरोध करना शुरू कर दिया। हालांकि, पुलिस के जवानों के सामने उनका विरोध कारगर नहीं हो सका, और अंततः विभाग के अधिकारियों ने अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान आलीशान कोठियों और फार्म हाउसों को भी तोड़ दिया गया, जो बिना कानूनी अनुमति के बनाए गए थे।
प्रशासन की चुप्पी और मिलभगत का आरोप
इस कार्रवाई से एक बात तो साफ हो गई कि प्रशासन अवैध कॉलोनियों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए तत्पर है, लेकिन कुछ जानकारों का कहना है कि सत्ताधारी नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत के कारण यह समस्या लगातार बढ़ रही है। कई बार कार्रवाई के बावजूद अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर कोई असर नहीं पड़ता। वहीं, जब इन कॉलोनियों और फार्म हाउसों के मालिकों की बात की जाती है, तो अक्सर यह पाया जाता है कि इनमें से अधिकतर व्यक्ति राजनीतिक रूप से ताकतवर होते हैं, जो प्रशासन के लिए चुनौती बन जाते हैं।
आर्थिक नुकसान और प्रशासन की लचीलापन
अवैध कॉलोनियों और फार्म हाउसों पर की गई तोड़फोड़ में लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं, और यह बार-बार किया जाना प्रशासन के लिए एक आर्थिक बोझ बनता है। इसके बावजूद, यदि प्रशासन मुकदमा दर्ज कर अवैध कॉलोनियों और फार्म हाउसों के मालिकों पर जुर्माना लगाए, तो इनकी संख्या में कमी आ सकती है। लेकिन मिलीभगत और विभाग में मौजूद लचीलापन के कारण, यह समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।
आगे का रास्ता
अगर प्रशासन सख्त कानूनी कदम उठाए और केवल तोड़फोड़ तक न सीमित रहे, बल्कि अवैध कॉलोनियों के निर्माताओं पर जुर्माना लगाए और उन्हें सजा दिलवाए, तो यह समस्या कहीं न कहीं हल हो सकती है। सरकार को इस मामले में और अधिक सक्रिय होकर सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि इस जंजाल को समाप्त किया जा सके।
वर्तमान में, गुरुग्राम में डेढ़ सौ से अधिक अवैध कॉलोनियां और 500 से अधिक फार्म हाउस बन रहे हैं। इनकी जानकारी विभाग और सरकार के उच्च अधिकारियों को है, लेकिन राजनीतिक दबाव और अधिकारियों की मिलीभगत के कारण इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
गुरुग्राम में अवैध कॉलोनियों और फार्म हाउसों का निर्माण तेजी से बढ़ रहा है
गुरुग्राम में अवैध कॉलोनियों और फार्म हाउसों का निर्माण तेजी से बढ़ रहा है और प्रशासन को इस पर पूरी तरह से काबू पाने के लिए मजबूत और स्थायी कदम उठाने होंगे। अगर यह समस्या इसी तरह बढ़ती रही, तो भविष्य में गुरुग्राम की भूमि और संरचनाओं की हालत और भी बदतर हो सकती है।