
— निर्दलीय मेयर प्रत्याशी डॉ इंद्रजीत ने भाजपा के सुंदर सरपंच को 2293 वोटों से हराया
गुरुग्राम।
प्रदेश के निकाय चुनावों के परिणाम से गदगद भाजपा को मानेसर ने जोर का झटका दे दिया। मानेसर में भाजपा अपनी सधी हुई राजनीतिक रणनीति, कुशल चुनाव प्रबंधन के बावजूद मात खा गई। यहां एक महिला डॉक्टर ने पूरी भाजपा का इलाज कर दिया। टिकट वितरण के बाद भाजपा ने यहां हार के डर से अपनी पूरी ताकत लगाई। सूबे के मुखिया नायब सैनी, पूर्व सीएम और मौजूदा केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बडौली, प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री राव नरबीर और एक पूर्व विधायक सहित दो मौजूदा विधायकों और पूरे संगठन ने ऐड़ी चेाटी का जोर लगाया। निर्दलीय प्रत्याशी के खिलाफ खूब अर्नगल बयानबाजी की। वोटों के ध्रुवीकरण का भी प्रयास हुआ, बावजूद इसके भाजपा निर्दलीय प्रत्याशी डॉ इंद्रजीत के जीत को किले को भेदने में नाकाम रही। हालांकि भाजपा ने संगठन की पसंद से यहां स्थानीय लीडर सरपंच सुंदर लाल को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उनका व्यक्तिगत प्रभाव भी उनकी हार नहीं टाल सका। कुल छह राउंड में हुई मानेसर नगर निगम के मेयर पद की गिनती के पहले ही राउंड में डॉ इंद्रजीत की जीत की पटकथा लिख दी गई। पहले ही राउंड में डॉ इंद्रजीत ने 1638 वोटों की लीड हासिल कर ली। हालांकि दूसरे राउंड में यह लीड करीब 200 वोटों पर सिमट गई। उसके बाद हर राउंड में डॉ इंद्रजीत ही आगे रही। एक बार पांचवें राउंड तक उनकी लीड पांच हजार के करीब हो गई। छठे और आखिरी राउंड ने इस लीड को कुछ कम किया और जब परिणाम घोषित हुआ तो डॉ इंद्रजीत को 2293 मतों से विजयी घोषित किया गया। खास बात यह रही कि यहां भाजपा के दिग्गज भी सुंदर सरपंच के खेवनहार नहीं बन सके। यहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जनसभा भी की। प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बडौली ने दौरा किया। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह दिन रात प्रचार में जुटे रहे। उन्होंने बैठकें भी की। अपने समर्थकों को जीत का मंत्र भी दिया। बावजूद इसके डॉ इंद्रजीत के विजय रथ को नहीं रोका जा सका।
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सेवा के संकल्प से मिली डॉ इंद्रजीत को विजय
डॉ इंद्रजीत यादव लोगों की सेवा में लंबे समय से जुटी थी। इसी बीच 2020 में मानेसर नगर निगम का गठन हो गया। डॉ इंद्रजीत ने अपने सेवा भाव से लोगों के बीच अपनी गहरी पैठ बनाई। हालांकि नगर निगम के गठन के बाद कई समाजसेवी सामने आए, लेकिन चुनाव टलने के साथ ही वह मैदान से हटते चले गए। जबकि डॉ इंद्रजीत ने जनसेवा का कार्य जारी रखा। मंदिरों, गौशालाओं में दान, गरीब कन्याओं का विवाह, लोगों को चार धाम की तीर्थ यात्रा कराना, पार्कों और ग्रीन बेल्ट का रखरखाव, पार्कों में बैठने की व्यवस्था करना, उनका सौर्यीकरण कराना, लोगों के सुख दुख में हमेशा पहुंचना जैसे अनेक काम ऐसे रहे जो डॉ इंद्रजीत और उनकी टीम लगातार करती रही। यही कारण रहा कि चुनाव में उनके सौम्य और मिलनसार व्यक्तित्व का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोला और उन्हें विजयी के रथ पर सवार कर गया।
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मेयर परिणाम पर एक नजर
कुल वोट – 65283
डॉ इंद्रजीत यादव निर्दलीय – 26393सुंदर सरपंच भाजपा – 24100डॉ विजय नंबरदार – 9163नीरज यादव कांग्रेस – 5143