
होलिका दहन: रात्रि 12:37 के बाद
नारायण, देवों के हितकारी देवरूप के लिए नमस्कार है।
🔱 शुभ आरंभ: मंत्र वंदना
नमस्ते वासुदेवाय विष्णवे विश्वयोनये। नारायणाय देवाय देवानां हितकारिणे।।
अर्थ: वासुदेव, विष्णु, विश्वयोनि,
🔆 आज का पंचांग
- विक्रम संवत: 2081
- संवत्सर नाम: कालयुक्त
- संवत्सर राजा: मंगल
- संवत्सर मंत्री: शनि
- सूर्य उत्तरायण, ऋतु: वसंत
- सूर्योदय: प्रातः 6:39
- सूर्यास्त: सायं 6:23
- चंद्रमा: सिंह राशि में पूरा दिन
- राशि स्वामी: सूर्य
- तिथि: फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी (प्रात: 10:36 तक)
- नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी (नक्षत्र स्वामी – शुक्र)
📜 आज के महत्वपूर्ण पर्व और धार्मिक महत्व
1️⃣ भद्रा काल: प्रातः 10:36 से रात्रि 11:31 तक
- भद्रा भगवान सूर्यदेव की पुत्री और राजा शनि की बहन मानी जाती है। शनि की तरह ही इसका स्वभाव भी कठोर बताया गया है।
- इस काल में शुभ कार्य, यात्रा और उत्पादन कार्यों को निषेध माना जाता है, लेकिन तंत्र क्रियाएं, अदालती कार्य और राजनीतिक चुनाव शुभ माने जाते हैं।
2️⃣ होलिका दहन: रात्रि 12:37 के बाद
- होलिका दहन को लेकर पंचांग में विशेष महत्व दिया जाता है। भद्रा समाप्त होने के बाद ही होलिका दहन का शुभ समय माना जाता है।
3️⃣ श्री सत्य नारायण व्रत
- यह व्रत भगवान विष्णु की कृपा प्राप्ति के लिए रखा जाता है।
🪐 ग्रहों की स्थिति
- सूर्य: कुंभ राशि, पूर्व भाद्रपद नक्षत्र
- मंगल: मिथुन राशि, पुनर्वसु नक्षत्र
- बुध: मीन राशि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र
- गुरु: वृष राशि, रोहिणी नक्षत्र
- शुक्र (वक्री): मीन राशि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र
- शनि (अस्त): कुंभ राशि, पूर्व भाद्रपद नक्षत्र
- राहु: मीन राशि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र
- केतु: कन्या राशि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र
⚠️ राहुकाल: दोपहर 2:00 से 3:30 तक (इस समय कोई शुभ कार्य न करें)
📍 आज की शुभ दिशाएँ:
- शुभ दिशा: पूर्व, उत्तर, उत्तर-पूर्व
- दिशा शूल: दक्षिण दिशा (अति आवश्यक होने पर दही खाकर यात्रा करें)
🧘 ज्योतिषीय सलाह
- योग:
- धृति योग (प्रातः 10:36 तक) – यह योग धैर्य, दृढ़ता और सफलता का प्रतीक है। इस समय किए गए कार्य शुभ फलदायक होते हैं।
- शूल योग (10:36 के बाद) – इस समय में किए गए कार्य दुखदायी और बाधाओं से भरे हो सकते हैं।
🌟 दैनिक लग्न सारणी
- कुंभ: प्रातः 6:41 तक
- मीन: 8:05 तक
- मेष: 9:41 तक
- वृष: 11:36 तक
- मिथुन: दोपहर 1:50 तक
- कर्क: सायं 4:11 तक
- सिंह: 6:29 तक
- कन्या: 8:44 तक
- तुला: 11:03 तक
- वृश्चिक: 1:22 तक
- धनु: सूर्योदय पूर्व 3:26 तक
- मकर: 5:09 तक
📜 निष्कर्ष आज का दिन धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ के लिए विशेष रूप से शुभ है। भद्रा काल को ध्यान में रखते हुए कार्यों की योजना बनाएं। होलिका दहन का समय रात्रि 12:37 के बाद सबसे उत्तम है। शुभ कार्यों में सफलता के लिए धृति योग का लाभ उठाएं और दक्षिण दिशा की यात्रा से बचें।
🔱 ॐ नमः शिवाय, जय श्री राम!