
डॉक्टर इंद्रजीत ने पिछले चार वर्षों में लोगों के बीच काम करके चुनावी मैदान में अपनी स्थिति मजबूत की
डॉक्टर इंद्रजीत की जीत यह साबित करती है कि जमीन पर काम करने वाले नेताओं को हमेशा ही जनता का समर्थन मिलता है,
नई दिल्ली, 13 मार्च –
हरियाणा प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को पछाड़ दिया, लेकिन मानेसर नगर निगम चुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा। यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ में भी बीजेपी ने कमल खिला लिया, लेकिन दक्षिणी हरियाणा की राजनीति में केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का दबदबा साफ तौर पर देखा गया।
दक्षिणी हरियाणा में राव इंद्रजीत सिंह का राजनीतिक प्रभाव
दक्षिणी हरियाणा में राव इंद्रजीत सिंह का बड़ा राजनीतिक प्रभाव है। यहां की जनता अधिकतर उनके इशारे पर मतदान करती है और उनकी नाराजगी या समर्थन पर ही चुनावों की हार-जीत तय होती है। विधानसभा चुनावों के साथ-साथ अन्य छोटे चुनावों में भी राव इंद्रजीत का प्रभाव निर्णायक होता है। उनका राजनीतिक दबदबा इतना मजबूत है कि उन्होंने कई सत्ताधारी विधायकों को भी चुनावों में पराजित किया है। चाहे वह नांगल चौधरी का मामला हो या दक्षिणी हरियाणा के अन्य हिस्से का, राव जो ठान लेते हैं, वह उसे पूरा कर दिखाते हैं, चाहे पार्टी की नाराजगी क्यों न हो।
मानेसर नगर निगम चुनाव में बीजेपी की हार
मानेसर नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरवीर सिंह, और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की टीम के साथ एक उम्मीदवार को मैदान में उतारा, लेकिन बीजेपी का मेयर प्रत्याशी सुंदरलाल सरपंच हार गए। सूत्रों के अनुसार, सुंदरलाल सरपंच के लिए बीजेपी की एक टीम ने टिकट दिलवाने की कोशिश की थी, जिनका क्षेत्र में राजनीतिक प्रभाव बहुत कम था। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और कैबिनेट मंत्री राव नरवीर सिंह ने इस टिकट को दिलवाने में मदद की थी। इसके अलावा, खट्टर के कार्यालय में एक कर्मचारी, जो राजनीतिक पद पर था, ने भी टिकट दिलवाने की कोशिश की थी। लेकिन बावजूद इसके, सुंदरलाल सरपंच चुनाव हार गए, और राव इंद्रजीत सिंह के प्रभाव वाले क्षेत्र में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा।
राव इंद्रजीत सिंह का समर्थन और डॉक्टर इंद्रजीत की जीत
मानेसर नगर निगम चुनाव में जीतने वाली डॉक्टर इंद्रजीत को राव इंद्रजीत सिंह के समर्थन का बड़ा फायदा हुआ। राव इंद्रजीत ने ही चुनाव के दौरान उनकी टिकट की मांग की थी और उनका समर्थन किया। इस चुनाव में डॉक्टर इंद्रजीत के पक्ष में महिलाओं ने जमकर वोट डाले, और कई परिवारों के सदस्य भी उनके समर्थन में खड़े हुए। इस कारण उनकी जीत सुनिश्चित हो पाई।
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का योगदान
राव इंद्रजीत सिंह ने हमेशा से अपने समर्थकों को सही दिशा दिखायी है, और मानेसर नगर निगम चुनाव में भी उनका प्रभाव दिखाई दिया। उनके समर्थक इस बार भी डॉक्टर इंद्रजीत के साथ थे, और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने अपने प्रभाव के चलते टिकट वितरण में अपनी ताकत दिखाई थी। डॉक्टर इंद्रजीत की जीत में उनके योगदान को नकारा नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और मनोहर लाल खट्टर की हार
मानेसर नगर निगम चुनाव में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की टीम सुंदरलाल सरपंच को जीत दिलाने में नाकाम रही। हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरवीर सिंह ने भी अपना योगदान दिया था, लेकिन वे भी सफल नहीं हो पाए। इस चुनाव में हार का कारण सबसे बड़ा राव इंद्रजीत सिंह का दबदबा रहा, और वहीं दूसरी ओर डॉक्टर इंद्रजीत ने पिछले चार वर्षों में लोगों के बीच काम करके चुनावी मैदान में अपनी स्थिति मजबूत की थी।
नवनियुक्त मेयर को बीजेपी की स्वीकार्यता
अब यह सवाल उठता है कि बीजेपी उन निर्दलीय पार्षदों और नवनियुक्त मेयर को पार्टी में शामिल करेगी या नहीं। बीजेपी के लिए यह एक अहम निर्णय होगा, क्योंकि यदि वे निर्दलीय मेयर और पार्षदों को समर्थन नहीं देंगे, तो उन्हें जनता से किए गए वायदों को पूरा करने में कठिनाइयाँ आ सकती हैं।
राव इंद्रजीत सिंह का राजनीतिक प्रभाव दक्षिणी हरियाणा में किस हद तक मजबूत है।
मानेसर नगर निगम चुनाव में बीजेपी की हार यह दर्शाती है कि राव इंद्रजीत सिंह का राजनीतिक प्रभाव दक्षिणी हरियाणा में किस हद तक मजबूत है। बीजेपी ने जिस तरीके से चुनावी रणनीति बनाई, वह नाकाम रही, और इसका नतीजा चुनावी हार के रूप में सामने आया। बीजेपी को अब यह सोचना होगा कि यदि वे राव इंद्रजीत सिंह को अनदेखा करेंगे तो आने वाले समय में दक्षिणी हरियाणा में उन्हें और भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
डॉक्टर इंद्रजीत की जीत यह साबित करती है कि जमीन पर काम करने वाले नेताओं को हमेशा ही जनता का समर्थन मिलता है, और उनका नेतृत्व सफलता की कुंजी बनता है।