
अमेरिकी ख़ुफ़िया प्रमुख तुलसी गबार्ड जैन आचार्य लोकेश से आशीर्वाद लेंगी
नई दिल्ली, 15 मार्च 2025: अमेरिका के नेशनल इंटेलिजेंस की निदेशक तुलसी गबार्ड हिंद प्रशांत क्षेत्र में शांति मिशन के तहत भारत पहुंच रही हैं। दिल्ली प्रवास के दौरान गबार्ड भारत के प्रथम “विश्व शांति केंद्र” के संस्थापक एवं अमेरिकी प्रेसिडेंशियल अवार्ड से सम्मानित जैन आचार्य लोकेश से भेंट कर आशीर्वाद लेंगी। इससे पूर्व भी तुलसी गबार्ड एवं जैन आचार्य लोकेश कई मौकों पर भारतीय हितों पर चर्चा करते रहे हैं।
जैन आचार्य लोकेश ने इस बात की पुष्टि की कि गबार्ड के कार्यालय ने अहिंसा विश्व भारती फाउंडेशन यूएसए कार्यालय से संपर्क कर उनकी उपलब्धता के बारे में जानकारी प्राप्त की।
हमेशा से भारत से जुड़े हितों का समर्थन करती रही हैं।
गबार्ड, जो ट्रंप सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली उच्च पदस्थ अधिकारी हैं, जो भारत के दौरे पर आ रही हैं, हमेशा से भारत से जुड़े हितों का समर्थन करती रही हैं। वह खुलकर अपने आपको एक हिन्दू प्रवक्ता के रूप में प्रस्तुत करती हैं। गबार्ड की भारत यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात होने की संभावना है। वह 18 मार्च को दिल्ली में सुरक्षा संबंधी रायसीना सम्मेलन में शामिल होंगी। डीएनआइ निदेशक शांति मिशन के तहत भारत के अलावा जापान, थाइलैंड, और फ्रांस की यात्रा पर भी हैं।
गबार्ड भारत की सच्ची मित्र हैं,आचार्य लोकेश
अत्यंत विनम्र और धार्मिक विचारों की महिला हैं।
विश्व शांति केंद्र एवं अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश ने अपने वक्तव्य में कहा कि गबार्ड भारत की सच्ची मित्र हैं, और उनकी इस यात्रा से अमेरिका-भारत के रिश्ते और मजबूत होंगे। उनकी विश्व शांति सद्भावना यात्रा का विश्व शांति केंद्र परिवार स्वागत करता है। भारत और हिंदू हितों की हिमायती गबार्ड से पूर्व की मुलाक़ातों का स्मरण करते हुए जैन आचार्य लोकेश ने कहा कि वह अत्यंत विनम्र और धार्मिक विचारों की महिला हैं।
इस यात्रा से यह स्पष्ट होता है कि तुलसी गबार्ड भारतीय संस्कृति और शांति को बढ़ावा देने में सक्रिय रूप से योगदान कर रही हैं और उनकी यह यात्रा अमेरिका और भारत के रिश्तों में और गहरी मित्रता स्थापित करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।