
सूर्य से संबंधित श्लोक और पंचांग – 16 मार्च 2025,
सूर्य श्लोक:
सर्वदेवतात्मको ह्येष तेजस्वी रश्मिभावनः।
एष देवासुरगणाँल्लोकान् पाति गभस्तिभिः ॥७॥
अर्थ: सारे देवता सूर्य के ही स्वरूप हैं। ये तेजस्वी और अपनी किरणों से संसार को स्फूर्ति देने वाले हैं। अपनी किरणों को फैलाकर ये देवों और असुरों के साथ-ही-साथ सारे लोकों का भी पालन करते हैं।
II आज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II
🕉 श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏
🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹
विक्रम संवत: 2081
संवत्सर नाम: कालयुक्त
संवत्सर राजा: मंगल
संवत्सर मंत्री: शनि
🌕 सूर्य उत्तरायण, ऋतु: वसंत
सूर्य उदय: प्रातः 6:34
सूर्य अस्त: सायं 6:26
📺 चैत्र मास कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि
अंग्रेजी दिनांक: 16/3/2025
दिन: रविवार
🌕 चंद्रमा: कन्या राशि में पूरा दिन
🥳 राशि स्वामी: बुद्ध
🌱 आज का नक्षत्र: हस्त (प्रात: 11:46 तक), फिर चित्रा
💓 नक्षत्र स्वामी: चंद्र/मंगल
✨️ चंद्रमा का नक्षत्र प्रवेश:
- प्रात: 5:02 से हस्त नक्षत्र चरण 4 में
- 11:45 से चित्रा नक्षत्र चरण 1 में
- सायं 6:30 से चित्रा नक्षत्र चरण 2 में
- रात्रि 1:15 से चित्रा नक्षत्र चरण 3 में
🪴 आज का विशेष पर्व एवं धार्मिक महत्त्व:
- संत तुकाराम जयंती: संत तुकाराम, जिन्हें तुकाराम के नाम से भी जाना जाता है, सत्रहवीं शताब्दी के एक महान संत कवि थे। वे भारत में भक्ति आंदोलन के प्रमुख स्तंभ थे।
🔮 ज्योतिषीय सलाह:
🔥 योग:
- वृद्धि योग (दोपहर 2:47 बजे तक) – इस योग में जन्मे बच्चे भाग्यशाली होते हैं, दिखने में सुंदर और स्वभाव से शोभायमान होते हैं। इस योग में किए गए काम में वृद्धि होती है और कोई रुकावट नहीं आती।
- उसके बाद ध्रुव योग – यह स्थिर कार्यों में सफलता दिलाने वाला योग है, और इस योग में जन्मे लोग स्थिर बुद्धि के होते हैं तथा धनवान होते हैं।
♻️ शुभ दिशा: पूर्व, उत्तर, दक्षिण-पूर्व
♻️ दिशा शूल: पश्चिम दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर दलिया और घी खाकर प्रस्थान करें
🌷 आज की ग्रह स्थिति:
🌞 सूर्य: मीन राशि, पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
🛑 मंगल: मिथुन राशि, पुनर्वसु नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
🌱 बुद्ध: मीन राशि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी गुरु) 12:16 से वक्री
🌕 गुरु: वृष राशि, रोहिणी नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी चंद्र)
💃 शुक्र (वक्री): मीन राशि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🌊 शनि (अस्त): कुंभ राशि, पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
🎥 राहु: मीन राशि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी शनि) रात 9:47 से पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
🛐 केतु: कन्या राशि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी सूर्य) रात 9:47 से चरण 2 में
🤬 राहु काल:
सायं 5:00 से 6:30 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य न करें
दैनिक लग्न सारणी:
- प्रात: 6:29 तक: कुम्भ
- 7:53 तक: मीन
- 9:29 तक: मेष
- 11:24 तक: वृष
- दोपहर 1:38 तक: मिथुन
- सायं 3:59 तक: कर्क
- 6:17 तक: सिंह
- रात्रि 8:32 तक: कन्या
- 10:52 तक: तुला
- 1:11 तक: वृश्चिक
- सूर्योदय पूर्व 3:15 तक: धनु
- 4:58 तक: मकर
🙏 श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏