
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बजट संबोधन – 17 मार्च 2025
चंडीगढ़, 17 मार्च 2025: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वर्ष 2025-26 का राज्य बजट प्रस्तुत करते हुए हरियाणा को नमन किया और राज्य के विकास को लेकर सरकार की योजनाओं का संक्षिप्त रूप से विवरण दिया। उन्होंने इस दौरान कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की, जिनसे राज्य के आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में सुधार और प्रगति होगी।
बजट के प्रमुख बिंदु:
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बजट पूर्व परामर्श परंपरा:
- हरियाणा सरकार ने 2020 से बजट पूर्व परामर्श की एक अनोखी परंपरा शुरू की थी, जिसे माननीय मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुरू किया।
- इस वर्ष विभिन्न हितधारकों के साथ 11 बैठकें की गई, जिसमें कुल 1592 सुझाव प्राप्त हुए।
- ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आम जनता से 8963 सुझाव प्राप्त हुए।
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संकल्प पत्र की प्रगति:
- संकल्प पत्र के 217 वादों में से 19 वादे पूरे किए गए हैं और 14 वादों पर कार्य प्रगति पर है।
- आगामी वित्त वर्ष में लगभग 90 संकल्पों को पूरा किया जाएगा, यदि सदन से मंजूरी मिलती है।
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विकसित भारत बनाने के लिए प्रस्ताव:
- “डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर” नाम से नया विभाग बनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य हरियाणा को भविष्य सक्षम बनाना होगा।
- हरियाणा सरकार ने ई-गवर्नेंस को मजबूत किया है और Haryana AI Mission की स्थापना का प्रस्ताव किया है, जिसके लिए विश्व बैंक ने 474 करोड़ रुपये का सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
- गुड़गांव और पंचकूला में AI हब स्थापित किया जाएगा।
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स्टार्टअप को बढ़ावा:
- स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार 2000 करोड़ रुपये का फंड आफ फंड्स बनाने के लिए निजी निवेशकों को प्रेरित करेगी।
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नशे से बचाने के लिए प्रस्ताव:
- SANKALP (Substance Abuse and Narcotics Knowledge Awareness and Liberation Program Authority) प्राधिकरण की स्थापना का प्रस्ताव दिया गया है, जिसके लिए 10 करोड़ रुपये का प्रारंभिक आवंटन होगा।
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डंकी रूट की समस्या का समाधान:
- राज्य सरकार डंकी रूट की समस्या के समाधान के लिए इस सत्र में एक बिल लाने का प्रस्ताव कर रही है।
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युवाओं के लिए अंतर्राष्ट्रीय रोजगार:
- हरियाणा ओवरसीज एंप्लॉयमेंट सैल और हरियाणा कौशल एवं रोजगार निगम के माध्यम से युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय रोजगार दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
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मिशन हरियाणा-2047:
- इस मिशन के अंतर्गत हरियाणा के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, और इसके लिए 5 करोड़ रुपये की प्रारंभिक निधि का आवंटन प्रस्तावित है।
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वित्तीय प्रगति:
- वर्ष 2014-15 में हरियाणा की जीडीपी ₹4,37,145 करोड़ थी, जबकि 2024-25 में यह बढ़कर ₹12,13,951 करोड़ होने का अनुमान है।
- प्रति व्यक्ति आय भी 2014-15 में ₹1,47,382 से बढ़कर 2024-25 में ₹3,53,182 होने का अनुमान है।
- पिछले 10 वर्षों में राज्य की जीडीपी औसतन 10.8% और प्रति व्यक्ति आय औसतन 9.1% बढ़ी है।
- 2014-15 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 2.88% था, जो 2024-25 में 2.68% तक घटने का अनुमान है।
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ऋण पर भ्रम का निवारण:
- मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा लिए गए ऋण के आंकड़ों को लेकर लोगों को भ्रमित किया जाता है। वर्तमान में बकाया ऋण का प्रतिशत 2014-15 के स्तर से कम है।
मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य हरियाणा को आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से प्रगति की दिशा में अग्रसर करना है, और इसके लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आगामी वर्ष में इन प्रस्तावों को लागू करने के लिए सदन से स्वीकृति प्राप्त करने का आह्वान किया।