
हरियाणा सरकार ने 2025-26 के बजट में शिक्षा और कौशल विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की
चंडीगढ़, 17 मार्च 2025: हरियाणा सरकार ने 2025-26 के लिए बजट में शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में कई अहम योजनाओं का प्रस्ताव किया है। इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य के शैक्षिक संस्थानों की गुणवत्ता को बढ़ाना, छात्रों और विद्यार्थियों के लिए नए अवसर प्रदान करना, और युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना है।
1. राजकीय महाविद्यालयों का मॉडल संस्कृति महाविद्यालय के रूप में विकास
हर जिले में एक राजकीय महाविद्यालय को राजकीय मॉडल संस्कृति महाविद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। यह महाविद्यालय राज्य के शैक्षिक मानकों को उच्चतर स्तर पर ले जाएंगे और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक अवसर प्रदान करेंगे।
2. हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष
महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 20 करोड़ रुपये के प्रारंभिक आवंटन से हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष बनाने का प्रस्ताव किया गया है। यह कोष विद्यार्थियों और अध्यापकों को नवीनतम शोध कार्यों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
3. कल्पना चावला छात्रवृत्ति योजना
विज्ञान और इंजीनियरिंग में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने वाली छात्राओं के लिए कल्पना चावला छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 1 लाख रुपये तक वार्षिक छात्रवृत्तियां दी जाएंगी। यह योजना विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित करने के लिए है।
4. बीएससी कोर्स की ट्यूशन फीस माफी
3 लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों में विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रही लड़कियों के लिए बीएससी कोर्स की ट्यूशन फीस माफ की जाएगी। यह कदम समाज के कमजोर वर्ग की लड़कियों को उच्च शिक्षा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
5. उद्योग-अकादमिक भागीदारी और “सीखते हुए कमाएं” मॉडल
सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में उद्योग-अकादमिक भागीदारी को अनिवार्य किया जाएगा। इसके साथ ही कम से कम 10 प्रतिशत पाठ्यक्रमों को “सीखते हुए कमाएं” मॉडल में परिवर्तित किया जाएगा, जिसमें छात्रों को ₹6,000 का मासिक मानदेय मिलेगा। इस योजना के लिए ₹36 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है।
6. क्रेडिट पोर्टेबिलिटी प्रणाली और व्यावसायिक शिक्षा
व्यावसायिक शिक्षा को अधिक लचीला बनाने के लिए क्रेडिट पोर्टेबिलिटी प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे छात्र अपनी शिक्षा में अधिक लचीलापन और विविधता जोड़ सकेंगे।
7. विश्व कौशल ओलंपिक और युवा कौशल योजना
विश्व कौशल ओलंपिक में हरियाणा के पदक विजेताओं को ₹10 लाख तक का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा, अगर वे अपना व्यवसाय शुरू करना चाहें, तो सरकार उन्हें ₹10 लाख की आर्थिक सहायता भी प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री युवा कौशल सम्मान योजना के तहत, राज्य के स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के 2,000 विद्यार्थियों को ₹10,000 का मासिक मानदेय दिया जाएगा और उन्हें इंटर्नशिप कराई जाएगी।
8. शैक्षणिक संस्थानों का आमजन के लिए खोलना
हरियाणा के सभी राजकीय शैक्षणिक संस्थानों के पुस्तकालयों, प्रयोगशालाओं और कार्यशालाओं को आमजन के लिए खोला जाएगा, ताकि अधिक लोग इन संसाधनों का लाभ उठा सकें और सामाजिक शिक्षा को बढ़ावा मिल सके।
9. इंजीनियरिंग संस्थानों का उन्नयन
निलोखेडी (करनाल) और पन्नीवालामोटा (सिरसा) में स्थित 2 इंजीनियरिंग संस्थानों को हरियाणा प्रौद्योगिकी संस्थान (एचआईटी) में अपग्रेड किया जाएगा। इस कदम से इन संस्थानों की शैक्षिक गुणवत्ता में वृद्धि होगी और छात्रों को उच्चस्तरीय शिक्षा प्राप्त होगी।
10. तकनीकी संस्थानों में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना
बहुत तकनीकी संस्थानों में प्रतिस्पर्धा की भावना को जागृत करने के लिए एक पुरस्कार योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत:
- प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले संस्थान को ₹50 लाख
- द्वितीय स्थान पाने वाले संस्थान को ₹25 लाख
- तृतीय स्थान पाने वाले संस्थान को ₹10 लाख की धनराशि दी जाएगी।