
गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पंचकूला, और हिसार में मेट्रो परियोजनाएं:
-
चंडीगढ़, 17 मार्च 2025:
सफाई कार्यों की निविदाओं में अनुसूचित जाति के सदस्यों और महिलाओं द्वारा गठित सहकारी समितियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 में सफाई मित्रों और उनके समूहों को 50% निविदाएं आवंटित करने की नीति लागू की जाएगी। -
शहरी जल निकासी अवसंरचना:
सभी शहरों में जल निकासी अवसंरचना को बढ़ाने के लिए 100 करोड़ रुपये का शहरी जल निकासी कोष स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसके तहत शहरों में जल निकासी की स्थिति सुधारने के प्रयास किए जाएंगे।
-
सड़कों की पैदल चलने योग्य बनाने की योजना:
राज्य सरकार मौजूदा सड़क ढांचे को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करेगी, जिसके पहले चरण में 1000 किलोमीटर का आरओडब्ल्यू (राइट ऑफ वे) विकसित किया जाएगा, ताकि सड़कों को पैदल चलने योग्य और सुरक्षित बनाया जा सके। -
नगर पालिकाओं और परिषदों को उपकरण प्रदान करना:
सभी नगर पालिकाओं और परिषदों को वैक्यूम सकर, ट्री ट्रिमिंग मशीन, बागवानी श्रेडिंग मशीन, छोटी स्वीपिंग मशीन, पैचवर्क मशीन, रोड रोलर, और वॉशिंग मशीन जैसी उच्च गुणवत्ता के उपकरण प्रदान करने का प्रस्ताव है। -
पानीपत, फरीदाबाद, गुरुग्राम, और यमुनानगर में जल उपचार संयंत्र:
इन शहरों में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) स्थापित करने की योजना है, जिससे प्रदूषित जल को साफ किया जा सके और जल प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। -
गुरुग्राम में मेट्रो लाइन और अन्य विकास परियोजनाएं:
गुरुग्राम में 28.5 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन का निर्माण 5452.72 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इस परियोजना में राज्य सरकार 4,556.53 करोड़ रुपये का योगदान करेगी, और वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। -
एसटीपी और डब्ल्यूटीपी परियोजनाएं:
चंदू, बसई, धनवापुर, बेहरामपुर, और सेक्टर 107 में 100 एमएलडी एसटीपी और डब्ल्यूटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट) परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। -
गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पंचकूला, और हिसार में मेट्रो परियोजनाएं:
इन प्रमुख शहरों में मेट्रो लाइन और अन्य अवसंरचनाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा, नगरों और कस्बों में मल्टीलेवल पार्किंग सिस्टम भी विकसित किया जाएगा। -
हाउसिंग बोर्ड का विलय:
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) में हाउसिंग बोर्ड का विलय किया जाएगा, जिससे शहरी क्षेत्र में आवास परियोजनाओं का संचालन और भी प्रभावी होगा। इसके अलावा, सोनीपत में 1,600 फ्लैट्स को 25 वर्षों के लिए किराए पर देने का पायलट प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। -
रेल नेटवर्क सुदृढ़ करने के लिए आवंटन:
हरियाणा के रेल नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए 3,416 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आवंटन किया गया है। इसके तहत गुरुग्राम से साइबर हब तक मेट्रो लाइन का निर्माण किया जाएगा। -
म्हारा गांव जगमग गांव योजना:
इस योजना के तहत राज्य के 5877 गांवों में 24 घंटे बिजली दी जा रही है, और बाकि बचे 1376 गांवों को भी इस योजना के लाभ में लाने के लिए एक नई स्कीम लाई जाएगी। -
ऊर्जा विभाग और सौर ऊर्जा:
रूफटॉप सोलर योजनाओं के तहत 31 मार्च 2027 तक 2,22,000 रूफटॉप सोलर लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही, पब्लिक हेल्थ के लिए 2024-25 के संशोधित अनुमान को बढ़ाकर 4950.96 करोड़ रुपये किया गया है। -
बिजली परियोजनाएं:
हरियाणा में बिजली उपक्रमों का कुल संप्रेषण और व्यावसायिक घाटा 30 प्रतिशत से घटकर 10.4 प्रतिशत रह गया है। इसके अलावा, यमुनानगर में 1×800 मेगावॉट अल्ट्रासुपर क्रिटीकल थर्मल प्लांट की स्थापना की जा रही है, जो मार्च 2029 तक पूरा होगा। -
मुफ्त सौर ऊर्जा योजना:
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अब तक 14,250 घरों पर रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन किए गए हैं, और 2 किलोवॉट तक के अंतोदय परिवारों को 1,10,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। -
सीवेज और जल आपूर्ति परियोजनाएं:
महाग्राम योजना के तहत इस वर्ष 12 गांवों में पीने के पानी और सीवेज की सुविधाएं दी जाएंगी, और 150 किलोमीटर की सीवेर लाईन व्यवस्था की जाएगी।
यह पूरी योजना प्रदेश में शहरी अवसंरचना, जल आपूर्ति, सौर ऊर्जा, और ऊर्जा सक्षमता को बेहतर बनाने के लिए है। राज्य सरकार ने इन परियोजनाओं के लिए वित्तीय प्रावधान और बजट की घोषणा की है, ताकि हरियाणा को एक मजबूत और समृद्ध राज्य बनाया जा सके।