
हरियाणा राज्य बजट 2025-26: उद्योग, श्रम, और खेल क्षेत्र में प्रस्तावित सुधार
चंडीगढ़, 17 मार्च 2025: हरियाणा सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में विकास और सुधार के लिए कई प्रमुख प्रस्तावों की घोषणा की है, जिनमें इलेक्ट्रिक वाहनों, उद्योगों के विकास, श्रमिकों के कल्याण, और खेलों को बढ़ावा देने के लिए विशेष उपाय शामिल हैं। यहां प्रमुख प्रस्तावों की सूची दी गई है:
इलेक्ट्रिक वाहनों और औद्योगिकीकरण:
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ई-वी पार्क का गठन:
- इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) और उनके पुर्जों के निर्माण के लिए एक ई-वी पार्क स्थापित किया जाएगा, जिससे हरित औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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आईएमटी अम्बाला की स्थापना:
- एसएसआईआईडीसी द्वारा अम्बाला शहर में पहले चरण में 800 एकड़ भूमि में आईएमटी अम्बाला की स्थापना की जाएगी।
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डॉरमिट्री और एकल कक्ष इकाईयों का निर्माण:
- राई औद्योगिक संपदा, आईएमटी बावल और आईएमटी मानेसर में श्रमिकों के लिए डॉरमिट्रीज और एकल कक्ष निर्माण के पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत होगी। इसके लिए श्रम विभाग और हाऊसिंग फार ऑल विभाग सहयोग करेंगे।
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‘मेक इन हरियाणा’ कार्यक्रम:
- भारत सरकार की मेक इन इंडिया नीति के तर्ज पर, हरियाणा सरकार ‘मेक इन हरियाणा’ कार्यक्रम शुरू करेगी, जिसमें निर्माण, डिजाइन और नवाचार के लिए वैश्विक केंद्र बनने के लिए योजनाएं लागू की जाएंगी।
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वित्तीय प्रोत्साहन:
- उद्योगपतियों को आकर्षित करने के लिए वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे।
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अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी दर में वृद्धि:
- अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी को 7600 रुपये से बढ़ाकर 11001.76 रुपये किया जाएगा।
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श्रम न्यायालयों की संख्या में वृद्धि:
- विवाद निपटान की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए इस वित्त वर्ष में श्रम न्यायालयों की संख्या को बढ़ाकर 14 किया जाएगा।
श्रम कल्याण और स्वास्थ्य सुविधाएं:
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ईएसआई अस्पतालों का निर्माण:
- बावल और बहादुरगढ़ में 100 बिस्तरों वाले ईएसआई अस्पताल का निर्माण 2025-2026 में पूरा किया जाएगा।
- पंचकूला में ईएसआई डिस्पेंसरी भवन का निर्माण भी आगामी वर्ष में होगा।
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गिग वर्कर्स के लिए पोर्टल:
- राज्य में गिग वर्कर्स के लिए एक विशेष पोर्टल बनाया जाएगा, जहां वे खुद को पंजीकृत कर सकेंगे और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ सकेंगे। पंजीकृत गिग वर्कर्स को स्वास्थ्य, दुर्घटना और जीवन बीमा जैसी सुरक्षा दी जाएगी।
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ईएसआईसी नई दिल्ली को भूमि आवंटन:
- साहा, सोहना, खरखौदा, बहादुरगढ़, करनाल जैसे कई स्थानों पर ईएसआईसी नई दिल्ली को रियायती दरों पर भूमि दी जाएगी।
खेल क्षेत्र में सुधार और प्रोत्साहन:
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खेल उत्कृष्टता केंद्र:
- राज्य के 5 विश्वविद्यालयों में नए खेल उत्कृष्टता केंद्र खोले जाएंगे।
- MISSION OLYMPICS 2036 योजना के तहत, 2036 के ओलंपिक खेलों में कम से कम 36 पदक लाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा।
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खिलाड़ी बीमा योजना:
- राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए 20 लाख रुपये तक का मेडिकल कवरेज प्रदान करने के लिए एक खिलाड़ी बीमा योजना शुरू की जाएगी।
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अखाड़ों को प्रोत्साहन:
- राज्य स्तर पर प्रतिवर्ष 3 सर्वश्रेष्ठ अखाड़ों को 50 लाख, 30 लाख और 20 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
- जिला स्तर पर 3 सर्वश्रेष्ठ अखाड़ों को 15 लाख, 10 लाख और 5 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
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खिलाड़ियों की सुविधाओं में वृद्धि:
- खेल नर्सरी की संख्या को 1500 से बढ़ाकर 2000 किया जाएगा।
- खेल नर्सरी में छात्रवृत्ति को बढ़ाकर 2000 रुपये प्रतिमाह (8-14 वर्ष के खिलाड़ी) और 3000 रुपये प्रतिमाह (15-19 वर्ष के खिलाड़ी) किया जाएगा।
- आवासी अकादमी के खिलाड़ियों की डाइट मनी को 400 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन किया जाएगा।
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खेल स्टेडियमों का विस्तार:
- 10 गांवों/ कस्बों में, जहां 10 किलोमीटर के दायरे में कोई सरकारी खेल स्टेडियम नहीं है, वहां नए स्टेडियम बनाने की योजना शुरू की जाएगी।
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खेल अकादमियों का प्रोत्साहन:
- ओलंपिक स्तर पर पदक विजेता यदि अपने गृह जिले में खेल अकादमी खोलना चाहते हैं, तो उन्हें 5 करोड़ रुपये तक का सस्ता लोन बैंक से दिलवाया जाएगा।
हरियाणा सरकार का यह बजट राज्य में औद्योगिकीकरण, श्रमिक कल्याण, और खेलों के क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाता है। इलेक्ट्रिक वाहन और औद्योगिकीकरण के लिए विशेष उपाय, श्रमिकों के कल्याण के लिए बेहतर सुविधाएं, और खेल क्षेत्र में उत्कृष्टता लाने के लिए नए प्रोत्साहन, राज्य को एक समृद्ध और समावेशी भविष्य की ओर अग्रसर करेंगे।