
चंडीगढ़, 17 मार्च 2025: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एवं वित्त मंत्री ने विधानसभा में राज्य का बजट पेश किया, जिसमें राज्य के आर्थिक विकास, कर सुधार और प्रशासनिक सुधारों पर जोर दिया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कई अहम प्रस्तावों की घोषणा की गई।
1. जीएसटी और राजस्व सुधार:
- हरियाणा जीएसटी कर संग्रह: हरियाणा, जीएसटी कर संग्रह में भारत के बड़े राज्यों में द्वितीय उच्चतम विकास दर वाला प्रदेश बना है। प्रति व्यक्ति जीएसटी कर संग्रह में हरियाणा ने बड़े राज्यों में प्रथम स्थान हासिल किया है।
- राजस्व लक्ष्य: वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 63,348 करोड़ रुपये के मुकाबले, 12 मार्च, 2025 तक 58,693 करोड़ रुपये का नेट राजस्व आमदनी के रूप में खजाने में जमा हो चुका है।
- वन टाईम सेटेलमेंट योजना: छोटे करदाताओं के लिए वन टाईम सेटेलमेंट योजना को स्वीकृति दी गई है, जो अगले सप्ताह से लागू होगी।
- 1 लाख रुपये से कम बकाया वाले करदाताओं के लिए: कर, ब्याज और जुर्माने को पूर्णतः माफ किया जाएगा।
- 1 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक बकाया वाले करदाताओं के लिए: 60% माफी दी जाएगी।
- 10 लाख रुपये से 10 करोड़ रुपये तक बकाया वाले करदाताओं के लिए: 50% माफी दी जाएगी।
- नए कराधान अधिकारी की नियुक्ति: 1 अप्रैल 2025 से 2 करोड़ रुपये से अधिक कर की मांग वाले मामलों में अब ईटीओ के बजाय उप-आबकारी और कराधान अधिकारियों को नोटिस जारी करने के लिए अधिकृत किया जाएगा।
- हरियाणा जीएसटी अधिनियम 2017 में सुधार: विभाग द्वारा जांच, ऑडिट और लेखा परीक्षण की प्रक्रिया में सुधार के लिए नए प्रावधान किए जाएंगे।
- Suomoto जांच अब संयुक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त के अनुमोदन के बाद ही शुरू होगी।
- विशेष लेखा परीक्षण के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और कॉस्ट अकाउंटेंट्स का पैनल बनाया जाएगा।
- पारदर्शिता में सुधार: ईटीओ और डीईटीसी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए नया प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया जाएगा।
2. खनन और भूविज्ञान विभाग:
- राजस्व लक्ष्य: आबकारी कराधान विभाग के लिए 68834.91 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- खनन से राजस्व: 8 जिलों में 42 खदानों से अब तक 670.23 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। 2025-26 में अम्बाला और फरीदाबाद में नई खदानें शुरू कर 645 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
- खनन विभाग का बजट: खनन और भूविज्ञान विभाग के लिए 121.52 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो 25% बढ़ोतरी के साथ है।
3. कर्मचारी और अधिकारियों के कल्याण:
- यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS): हरियाणा सरकार के कर्मचारियों के लिए यूपीएस का लाभ देने का निर्णय लिया गया है, जिसमें कम से कम ₹10,000 प्रति माह का पेआउट और 30% फैमिली पेआउट मिलेगा।
- यह लाभ 10 वर्षों की न्यूनतम सेवा के बाद दिया जाएगा, और सेवानिवृत कर्मचारियों को 25 वर्षों की सेवा के बाद पूरा लाभ मिलेगा।
- सरकारी आवास योजना: आने वाले वर्षों में सभी शहरों में कर्मचारियों के लिए पर्याप्त सरकारी आवास उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है।
4. विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव:
- स्मार्ट सड़कों और स्मार्ट बाजारों का निर्माण: 2025-26 में हर शहर में एक 4-5 किलोमीटर लंबी सड़क को स्मार्ट मार्ग में बदलने का लक्ष्य है। हर जिले में 10-15 किलोमीटर लंबी सड़क को भी स्मार्ट बनाया जाएगा। इसके साथ ही, हर शहर में एक पुराने बाजार को स्मार्ट बाजार में और हर गांव में एक गली को स्मार्ट गली में बदलने की योजना है।
- विधायकों के विकास कार्य: इस विधानसभा कार्यकाल के दौरान हर विधायक को अपने क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये की राशि विशेष रूप से प्रदान की जाएगी, जो तीन किश्तों में दी जाएगी।
5. मुख्य बातें:
- पारदर्शिता और सुधार: हरियाणा सरकार राज्य में प्रशासनिक सुधार, पारदर्शिता और बेहतर सेवा वितरण के लिए लगातार प्रयासरत है। इसके अंतर्गत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों और निगरानी प्रणाली को बेहतर बनाने का प्रस्ताव किया गया है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में: वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हरियाणा राज्य प्रत्येक नागरिक के कल्याण और समृद्धि के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।
यह बजट हरियाणा के समग्र विकास, सुधार और कर्मचारियों की भलाई के लिए एक महत्त्वपूर्ण कदम है, जो राज्य के प्रशासन और अर्थव्यवस्था को और मजबूत करेगा।