
गोष्पदीकृतवारीशं मशकीकृतराक्षसम्।
रामायणमहामालारत्नं वन्देऽनिलात्मजम्॥
अर्थ:
मैं उन हनुमान जी की पूजा करता हूं, जिन्होंने समुद्र को गाय के खुर के समान बना दिया। जिन्होंने विशाल राक्षसों को मच्छरों की तरह नाश किया और जो “रामायण” नामक माला के मोतियों के बीच एक रत्न की तरह हैं।
आज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति
🕉 श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏
🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹
विक्रम संवत 2081
संवत्सर नाम -: कालयुक्त
संवत्सर राजा -: मंगल
संवत्सर मंत्री -: शनि
🌕 सूर्य उत्तरायण, ऋतु-: वसंत
सूर्य उदय: प्रातः 6:31
सूर्य अस्त: सायं 6:27
📺 चैत्र मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि
अंग्रेजी दिनांक: 18/03/2025
दिन: मंगलवार
🌕 चंद्रमा: तुला राशि में
🥳 राशि स्वामी: शुक्र
🌱 आज का नक्षत्र: स्वाति सायं 5:52 तक, उसके बाद विशाखा
💓 नक्षत्र स्वामी: राहु/गुरू
✨️ चंद्रमा का नक्षत्र प्रवेश:
- सूर्योदय पूर्व 4:20 से स्वाति नक्षत्र चरण 3 में
- प्रात: 11:06 से स्वाति नक्षत्र चरण 4 में
- सायं 5:52 से विशाखा नक्षत्र चरण 1 में
- रात्रि 12:10 से विशाखा नक्षत्र चरण 2 में
🔥 योग: व्याघात सायं 4:44 तक, उसके बाद हर्ष
🪴 श्री भगवान नारायण जयंती
♻️ शुभ दिशा: दक्षिण-पूर्व
♻️ दिशा शूल: उत्तर दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर गुड़ खाकर प्रस्थान करें
आज की ग्रह स्थिति:
🌷 सूर्य: मीन राशि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🛑 मंगल (वक्री): मिथुन राशि, पुनर्वसु नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
🌱 बुद्ध (वक्री): मीन राशि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🌕 गुरु: वृष राशि, रोहिणी नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी चंद्र)
💃 शुक्र (वक्री): मीन राशि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🌊 शनि: कुंभ राशि, पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
🎥 राहु: मीन राशि, पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🛐 केतु: कन्या राशि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी सूर्य)
राहु काल:
दोपहर 3:24 से सायं 4:48 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य न करें
दैनिक लग्न सारणी:
- प्रात: 6:21 तक कुंभ
- 7:45 तक मीन
- 9:21 तक मेष
- 11:16 तक वृष
- दोपहर 1:30 तक मिथुन
- 3:31 तक कर्क
- सायं 6:09 तक सिंह
- रात्रि 8:24 तक कन्या
- 10:44 तक तुला
- 1:03 तक वृश्चिक
- 3:07 तक धनु