
एडीसी हितेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में बैंकर्स की जिला स्तरीय समीक्षा कमेटी एवं जिला परामर्शदात्री कमेटी की बैठक संपन्न
गुरुग्राम, 19 मार्च 2025 ,
एडीसी हितेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) और जिला स्तरीय समीक्षा कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला के जमा, अग्रिम और शासकीय योजनाओं के लक्ष्यों को पूरा करने पर चर्चा की गई और विभिन्न स्वरोजगार एवं उद्यमी योजनाओं के ऋण आवेदनों की स्वीकृति और वितरण की बैंकवार समीक्षा की गई।
मुख्य बिंदु:
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ऋण वितरण में समन्वय: एडीसी ने बैठक में कहा कि विभागीय और बैंक अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ काम करते हुए पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करना चाहिए। इसके लिए बैंक अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर आयोजित करने की सलाह दी गई।
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ऋण योजनाओं की समीक्षा: एडीसी ने विभिन्न योजनाओं जैसे कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड, हरियाणा महिला विकास निगम, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, आदि के तहत बैंकों द्वारा भेजे गए ऋण आवेदनों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से लंबित आवेदनों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया।
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सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए निर्देश: एडीसी ने बैंकों को निर्देशित किया कि वे सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए अधिक उदारता से ऋण वितरित करें। साथ ही, उन्होंने कमजोर प्रदर्शन वाले बैंकों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन: बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक श्री अशोक कुमार जुलाहा ने बताया कि वित्तीय जागरूकता के लिए 31 दिसंबर 2024 तक 91 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें लगभग 4682 नागरिकों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, रुड़सेट संस्थान द्वारा 10 स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें 303 प्रार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
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नई शाखाओं का उद्घाटन: जुलाहा ने यह भी जानकारी दी कि दिसंबर 2023 तक 43 नई शाखाएं खोली गई हैं, और अब जिले में बैंकों की कुल संख्या 919 हो गई है।
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ऋण आवेदनों की प्रगति: वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 500 राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) ऋण आवेदनों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें से 177 आवेदनों को स्वीकृति मिल चुकी है, और 13 आवेदनों की स्वीकृति प्रक्रिया में है।
समीक्षा के बाद एडीसी के निर्देश:
- बैंकों में सरकार की प्रायोजित योजनाओं के लंबित आवेदन पत्रों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
- ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि एवं व्यापार के लिए अधिकाधिक ऋण वितरित किया जाए।
इस बैठक में आरबीआई से लीड डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर यश भारद्वाज, नाबार्ड से क्लस्टर हेड विनय कुमार त्रिपाठी, केनरा बैंक के रीजनल मैनेजर चंद्र सिंह तोमर, रुड़सेट के निदेशक निर्मल यादव सहित सरकारी और गैर सरकारी बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।