
– नगर निगम गुरुग्राम के अतिरिक्त आयुक्त डा. बलप्रीत सिंह ने बीडब्ल्यूजी मॉनिटरिंग सेल की समीक्षा बैठक में दिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश
– ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2016 के तहत कचरे का प्रबंधन नहीं करने वाले बीडब्ल्यूजी पर की जाएगी चालान की कार्रवाई
गुरुग्राम, 19 मार्च। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा निगम क्षेत्र में स्थित बल्क वेस्ट जनरेटर्स (बीडब्ल्यूजी) के ऑनलाइन पंजीकरण का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। अब उन बीडब्ल्यूजी पर विशेष निगरानी की जाएगी, जो कचरा प्रबंधन नहीं कर रहे हैं। इसके तहत बीडब्लयूजी मॉनिटरिंग सेल के इंस्पेक्टर प्रतिदिन अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर चेकिंग अभियान चलाएंगे तथा नियमों की पालना नहीं करने वालों के चालान किए जाएंगे।
उक्त निर्णय बुधवार को अतिरिक्त निगमायुक्त डा. बलप्रीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बीडब्ल्यूजी मॉनिटरिंग सेल की समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में बताया गया कि निगम क्षेत्र में 2544 बीडब्ल्यूजी का पंजीकरण ऑनलाइन पोर्टल पर किया जा चुका है। बीडब्ल्यूजी मॉनिटरिंग सेल के सदस्यों ने कहा कि वे प्रतिदिन उनके क्षेत्रों में आने वाले बीडब्ल्यूजी की जांच कर रहे हैं तथा उन्हें एडवाइजरी जारी करने की प्रक्रिया भी लगभग पूरी की जा चुकी है।
अतिरिक्त निगमायुक्त ने कहा कि बीडब्ल्यूजी मॉनिटरिंग सेल इंस्पेक्टर लगातार बीडब्ल्यूजी की जांच करें तथा विशेषकर प्रत्येक माह के अंतिम सप्ताह में चालानिंग करने के लिए प्रभावी अभियान शुरू करें। उन्होंने कहा कि ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2016 की सख्ती से पालना सुनिश्चित कराई जाएगी तथा उल्लंघन करने वालों के चालान होंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक टीम प्रतिदिन कम से कम आधा दर्जन साइट का निरीक्षण करें तथा बिना किसी भेदभाव या दबाव के निष्पक्ष रूप से अपनी कार्रवाई सुनिश्चित करे।
अतिरिक्त निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2016 के तहत निगम क्षेत्र में स्थित सभी बल्क वेस्ट जनरेटरों को अपने परिसर में ही खुद के स्तर पर कचरा प्रबंधन करना अनिवार्य है। इसके तहत कचरे को अलग-अलग श्रेणियों अर्थात गीले, सूखे व हानिकारक कचरे में विभाजित किया जाए तथा अलग-अलग ही उसका प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गीले कचरे से खाद या बायोगैस बनाई जा सकती है, जबकि सूखे व हानिकारक कचरे को संबंधित रिसायकलर् के माध्यम से निष्पादित कराया जाए। उन्होंने कहा कि नियम के तहत बीडब्ल्यूजी परिसर का कचरा बाहर नहीं जाना चाहिए, केवल इनर्ट को ही निगम के सेकेंडरी कचरा कलेक्शन प्वाइंटों में भेजा जाए।