
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर की पृथ्वी पर सफल वापसी पर सदन को अवगत कराया
चंडीगढ़, 19 मार्च: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने आज हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान एक साकारात्मक पहल के तहत स्पेसएक्स के अंतरिक्ष यान ड्रैगन से भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर की पृथ्वी पर सफल वापसी पर सदन को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि इस सदन को उनकी सकुशल वापसी पर अपनी खुशी का इजहार करना चाहिए और यहां रखे जाने वाले प्रस्ताव से सुनीता विलियम्स को अवगत भी कराया जाना चाहिए।
अंतरिक्ष यात्री पिछले 9 महीने 14 दिनों से अंतरिक्ष में रूके हुए थे,
विज ने कहा कि आज सुबह 3:27 बजे आकाश से एक खुशी की खबर आई कि भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर अंतरिक्ष यात्री पिछले 9 महीने 14 दिनों से अंतरिक्ष में रूके हुए थे, क्योंकि अंतरिक्ष यान में खराबी आ गई थी। उन्होंने बताया कि इन अंतरिक्ष यात्रियों का मिशन 8 दिन का था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण यह लंबे समय तक खिंच गया।
गीता और भारतीय स्टार डिश समोसे अपने साथ ले जाना नहीं भूलती हैं।
उन्होंने बताया कि सुनीता विलियम्स के पिता गुजरात के पांड्या जिले के निवासी थे और सुनीता अपनी जड़ों को हमेशा भारत से जोड़ती हैं। वह अंतरिक्ष यात्रा पर जाते समय गीता और भारतीय स्टार डिश समोसे अपने साथ ले जाना नहीं भूलती हैं। विज ने कहा कि इस कारण से वह चाहते हैं कि सदन उनकी सकुशल वापसी पर खुशी का इजहार करे और इस प्रस्ताव को सुनीता विलियम्स को सूचित किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा, “मैं यह भी चाहूंगा कि नासा के उन अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को धन्यवाद और आभार व्यक्त किया जाए, जिन्होंने इतने कठिन कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और इन अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रूप से धरती पर वापस लाया।”
यह प्रस्ताव हरियाणा विधानसभा में श्री विज द्वारा रखे जाने के बाद सदन के सभी सदस्यों ने तालियां बजाकर एक स्वर में स्वागत किया।
उल्लेखनीय है कि सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर 5 जून 2024 को बोइंग स्टारलाइनर के पहले मानव मिशन के तहत अंतरिक्ष स्टेशन पर गए थे। वे स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल से गल्फ ऑफ मेक्सिको में उतरे। ये दोनों अंतरिक्ष यात्री नौ महीने के अंतरिक्ष मिशन के बाद सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौट आए हैं, हालांकि उनका मिशन 8 दिन का था, लेकिन यान में तकनीकी खराबी के कारण उन्हें वहां ज्यादा समय तक रहना पड़ा।