
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का विवादास्पद बयान,
लखनऊ, 19 मार्च: उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक विवादास्पद बयान देते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में उन्होंने कहा कि वह राजनीति में यहां तक पहुँचने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ दरोगा (बड़े अधिकारी) के हाथ-पैर तुड़वाकर गड्ढे में फेंकवा कर आए हैं। उनका यह बयान अब प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया है और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
वीडियो में वह यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि उन्होंने अपनी राजनीति को यहां तक पहुंचाने के लिए बेहद कठोर और प्रभावशाली कदम उठाए हैं।
संजय निषाद का यह बयान उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर आया है। वीडियो में वह यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि उन्होंने अपनी राजनीति को यहां तक पहुंचाने के लिए बेहद कठोर और प्रभावशाली कदम उठाए हैं। इस बयान को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के कुछ नेता संजय निषाद से खुद को अलग कर रहे हैं, वहीं निषाद के समर्थक उन्हें एक दबंग और प्रभावशाली नेता मान रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी दल के रूप में कार्य कर रहे हैं।
डॉ. संजय निषाद की अपनी अलग पार्टी है, लेकिन वह भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी दल के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनकी पार्टी की स्थिति राज्य में अब पहले से अधिक मजबूत हो रही है। संजय निषाद के इस तरह के बयान से भाजपा के नेता खुद को उनसे अलग करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि उनके समर्थक इसे उनके दबदबे का उदाहरण मान रहे हैं।
संजय निषाद के बयान से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कुछ परेशान नजर आ रहे हैं।
संजय निषाद के बयान से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कुछ परेशान नजर आ रहे हैं। चुनावी मौसम में इस प्रकार के विवादास्पद बयान से सत्ताधारी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति पैदा हो सकती है। खासकर, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस विभाग में इस बयान से कुछ हलचल मच गई है। उत्तर प्रदेश में कई मंत्री और विधायक पुलिस अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में रहते हैं और इस प्रकार के बयान से उनकी कार्यशैली पर सवाल उठ सकते हैं।
संजय निषाद की पार्टी अपनी स्थिति को उत्तर प्रदेश में मजबूत करने में जुटी हुई है
संजय निषाद की पार्टी अपनी स्थिति को उत्तर प्रदेश में मजबूत करने में जुटी हुई है, और उनके परिवार से भी कई बड़े नेता पार्टी में हैं। हालांकि, भाजपा के साथ उनका गठबंधन जारी है, और यह देखना अब दिलचस्प होगा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा संजय निषाद के साथ गठबंधन करती है या नहीं।
संजय निषाद के बयान से यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह बयान भाजपा को नुकसान पहुंचाएगा या संजय निषाद की पार्टी को ही फायदा होगा। फिलहाल, चुनावी मौसम के चलते इस तरह के बयान राजनीति में जोश भरने का प्रयास भी हो सकते हैं, लेकिन यह भी देखना होगा कि इसके दूरगामी प्रभाव क्या होंगे।