
जनता को दी जाने वाली मुफ्त सुविधाओं को लेकर विचार करे सरकार’, राज्यसभा में बोले उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़
नई दिल्ली, 20 मार्च 2025:
राज्यसभा में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मुफ्त सुविधाओं पर सरकार से पुनः विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “सरकार को जनता को दी जाने वाली मुफ्त सुविधाओं पर पुनः विचार करना चाहिए।” उनका यह बयान इस बात पर आधारित था कि मुफ्त सुविधाओं की योजनाएं भले ही अल्पकालिक लोकप्रियता अर्जित करती हैं, लेकिन दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता के लिए यह एक खतरे का कारण बन सकती हैं।
मुफ्त सुविधाएं किसी सरकार की दीर्घकालिक नीति का हिस्सा नहीं होनी चाहिए।
धनखड़ ने कहा कि मुफ्त सुविधाएं किसी सरकार की दीर्घकालिक नीति का हिस्सा नहीं होनी चाहिए। इसके बजाय, उन्होंने सुझाव दिया कि देश की समग्र आर्थिक स्थिति और संसाधनों का सही उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि मुफ्त योजनाओं के वितरण में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है, ताकि इनका असर सरकार की वित्तीय स्थिति पर न पड़े और भविष्य में इन योजनाओं की स्थिरता बनी रहे।
उपराष्ट्रपति के इस बयान ने आगामी बजट और वित्तीय नीतियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण विचारणीय बिंदु उठाए हैं, खासकर जब सरकार की योजनाओं और उनके असर पर चर्चा हो रही हो। धनखड़ ने यह भी कहा कि सरकार को अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए विकास कार्यों में निवेश करना चाहिए, और सिर्फ मुफ्त सुविधाएं देने के बजाय सशक्तिकरण के लिए योजनाएं बनानी चाहिए।
यह बयान भारतीय राजनीति में एक नई बहस की शुरुआत कर सकता है, और विशेष रूप से चुनावी साल में इसका असर विभिन्न सरकारी नीतियों पर देखा जा सकता है।