
गुरुग्राम : 20 मार्च 2025,
गुरुग्राम में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और आरटीए कार्यालय की टीम ने संयुक्त रूप से एक बड़ी कार्रवाई की, जिसमें फर्जी टैक्स रसीदें तैयार करने, रखने और टैक्सी चालकों को बेचने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
घटना की जानकारी:
दिनांक 24 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और आरटीए कार्यालय, गुरुग्राम की संयुक्त टीम ने डीएलएफ फेज-4, गुरुग्राम स्थित एक किराए के कमरे में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस को विभिन्न राज्यों के ट्रांसपोर्ट विभाग की फर्जी टैक्स रसीदें, यात्री कर की रसीदें, टोल टैक्स की पर्चियां और एयरपोर्ट पार्किंग की फर्जी रसीदें मिलीं। इस दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जिसकी पहचान पीयूष श्रीवास्तव के रूप में हुई, जो प्रयागराज (उत्तर-प्रदेश) के मुहुवारी गांव का निवासी है।
आरोपी पीयूष श्रीवास्तव और उसके एक अन्य साथी द्वारा मिलकर फर्जी टैक्स रसीदें और टोल टैक्स पर्चियां तैयार की जा रही थीं। इसके अलावा, आरोपी टोल टैक्स और पार्किंग रसीदों को गलत तरीके से टैक्सी चालकों को बेच रहे थे। इन आरोपों पर थाना सुशांत लोक, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किया गया था।
दूसरी गिरफ्तारी:
पुलिस ने इस मामले में आगामी कार्रवाई करते हुए 18 मार्च 2025 को दूसरे आरोपी राकेश यादव को गिरफ्तार किया। राकेश यादव भी प्रयागराज (उत्तर-प्रदेश) का निवासी है और रामगढ़, प्रतापगढ़ का रहने वाला है।
पुलिस जांच में सामने आया:
पुलिस जांच में यह पता चला कि राकेश यादव और पीयूष श्रीवास्तव मिलकर टैक्सी चालकों से पैसे लेकर उन्हें फर्जी रसीदें दे रहे थे। यह रसीदें मुख्य रूप से टैक्सी चालकों को बिना किसी वैधता के टोल टैक्स और पार्किंग शुल्क के रूप में दी जाती थीं, ताकि उन्हें इन शुल्कों का भुगतान किए बिना काम करने का मौका मिल सके।
आगे की कार्रवाई:
इस मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सुशांत लोक, गुरुग्राम में अभियोग दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
यह घटना इस बात का संकेत है कि इस प्रकार के फर्जी कारोबार पर सख्त कार्रवाई की जा रही है, ताकि इस तरह के अपराधियों को न्याय के दायरे में लाया जा सके और आम जनता को धोखाधड़ी से बचाया जा सके।