
डायल 112 ऐप, दुर्गा शक्ति ऐप, महिला/बच्चों विरूद्ध अपराधों,
गुरुग्राम: 20 मार्च 2025 , महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने और उन्हें विभिन्न अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से महिला थाना पश्चिम, गुरुग्राम की पुलिस टीम ने 20 मार्च 2025 को SGT यूनिवर्सिटी, बुढेड़ा, गुरुग्राम में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और स्टाफ को महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध होने वाले अपराधों, साइबर अपराधों, सेल्फ डिफेंस, पॉक्सो एक्ट, डायल 112 और दुर्गा शक्ति ऐप के उपयोग, और नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा:
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महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध: पुलिस टीम ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के प्रकार, उनसे बचाव के उपाय, और ऐसे अपराधों के बाद बचाव व निवारण के तरीकों के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही, संबंधित कानूनों और उनकी सजा के प्रावधानों के बारे में भी बताया गया।
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साइबर अपराध: साइबर अपराधों के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि इन अपराधों से बचने के लिए किस तरह के सावधानियां बरतनी चाहिए, और इनसे निपटने के उपाय क्या हैं।
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नशे के दुष्प्रभाव: पुलिस टीम ने नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी और नशे के आदी लोगों को नशा मुक्ति और पुनःवास के उपायों के बारे में भी बताया। विद्यार्थियों और स्टाफ को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।
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डायल 112 और दुर्गा शक्ति ऐप: पुलिस टीम ने डायल-112 और दुर्गा शक्ति ऐप के उपयोग के बारे में जानकारी दी। बताया गया कि डायल-112 ऐप को इंस्टॉल करके अपनी जानकारी जैसे नाम, मोबाइल नंबर, और पता अपडेट करने के बाद, अगर किसी असुरक्षित परिस्थिति में पुलिस सहायता की जरूरत हो, तो पीड़िता को अपना नाम और लोकेशन बताने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यह ऐप पीड़िता और पुलिस दोनों के लिए सहायक साबित होती है और अपराधों को रोकने में मदद करती है।
इस ऐप के माध्यम से पुलिस को पीड़िता का लोकेशन और अन्य जानकारी मिल जाती है, जिससे पुलिस त्वरित कार्रवाई कर सकती है।
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सहायता के लिए कदम: कार्यक्रम में उपस्थित स्टाफ के मोबाइल फोन में डायल-112 और दुर्गा शक्ति ऐप्स इंस्टॉल किए गए और उनका उपयोग कैसे करना है, इस पर भी विस्तार से बताया गया। पुलिस टीम ने इस दौरान उपस्थित महिलाओं और स्टाफ को यह भी समझाया कि किसी भी प्रकार के अपराध या संदिग्ध गतिविधि के बारे में पुलिस को सूचित करना चाहिए, और पुलिस हमेशा (24X7) उनकी सेवा में तत्पर रहती है।
कार्यक्रम के समापन पर: कार्यक्रम के अंत में, विश्वविद्यालय के प्रबंधन और उपस्थित स्टाफ और विद्यार्थियों ने पुलिस टीम का धन्यवाद किया और भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन की अपील की।
यह जागरूकता अभियान पुलिस की तरफ से महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा के प्रति सजग करने के साथ-साथ समाज में अपराधों के प्रति जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।