
हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र
मैं जनता से चुनकर आया हूं, मुझे जनता ने विधायक बनाया है, मुझे जनता ने सर्टिफिकेट दिया है इसलिए 5 साल मैं यहां हरियाणा विधानसभा के सदन में बोलूंगा’’ – ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज
और हमें एक-एक शब्द बोलने के लिए संघर्ष करना पड़ता था’’
“कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा बार-बार खर्चों की बात कर रहे हैं, इसलिए आप बता दो कि किस चीज में खर्च कम किया जाए’’
राई स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में एक खेल पर्सन ही वाइस चांसलर होना चाहिए, जोकि खिलाडियों की भावना को ज्यादा अच्छे तरीके से समझ सकेगा – विज
चंडीगढ़, 20 मार्च – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान कांग्रेस नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा द्वारा बजट के संबंध में उठाए जा रहे मुद्दों का जवाब देते हुए कहा कि “मैं जनता से चुनकर आया हूं, मुझे जनता ने विधायक बनाया है, मुझे जनता ने सर्टिफिकेट दिया है इसलिए 5 साल मैं यहां हरियाणा विधानसभा के सदन में बोलूंगा”।
उन्होंने कहा कि “मैं आपकी (भूपेन्द्र सिंह हुड्डा) वजह से नहीं आया हूं, और आज यह कह रहे हैं कि हमें आप बोलने नहीं देंगे, मुझे जनता ने चुनकर यहां भेजा है”। विज ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि जब हुड्डा मुख्यमंत्री थे, तब वह उन्हें बार-बार सदन से बाहर भेज दिया करते थे और उन्हें एक-एक शब्द बोलने के लिए संघर्ष करना पड़ता था।
आप ही बता दो कि किस चीज में खर्च कम किया जाए?
विज ने सदन में कांग्रेस नेता से सवाल किया, “कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा बार-बार खर्चों की बात कर रहे हैं, तो आप ही बता दो कि किस चीज में खर्च कम किया जाए? किस सर्विस में खर्च कम किया जाए? आप कहें कि स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, परिवहन में से किसमें कम किया जाए?”
उन्होंने कहा कि केवल मुद्दे उठाने से काम नहीं चलेगा, “खाली मुद्दे उठाने से बात नहीं होती है, आप यह भी बताएं कि खर्च कम कहां पर किया जाए”।
इस साल का बजट 2 लाख 5 हजार करोड़ रुपए का है
विज ने बजट का जिक्र करते हुए कहा कि इस साल का बजट 2 लाख 5 हजार करोड़ रुपए का है, और यह पहले से ज्यादा है, तो अब सवाल यह है कि “हम किस चीज में पीछे हैं?” कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि हम कहां पर कम हैं।
राई स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जब इस यूनिवर्सिटी का निर्माण हुआ था, तब इसका वाइस चांसलर क्रिकेटर कपिल देव को बनाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि खेल पर्सन को ही वाइस चांसलर बनाया जाना चाहिए क्योंकि वे खिलाडियों की भावना को बेहतर समझ सकते हैं। हालांकि, उस समय केंद्र सरकार के ऑब्जेक्शन के कारण यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी, लेकिन अब इस पर फिर से विचार किया जा रहा है।
अंत में, उन्होंने कहा कि “सरकार इस प्रस्ताव पर विचार करेगी और भविष्य में इसे लेकर उचित निर्णय लिया जाएगा”।
विज ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।