
अवैध कब्जे हटाने के प्रयासों को लेकर एक बड़ा हंगामा खड़ा हो गया है।
नई दिल्ली, 21 मार्च:
दिल्ली में यमुना के ग्रीन बेल्ट पर अवैध कब्जे हटाने के प्रयासों को लेकर एक बड़ा हंगामा खड़ा हो गया है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा अवैध कब्जे हटाने के लिए बुलडोजर भेजे गए थे, लेकिन जैसे ही बुलडोजर मयूर विहार फेस-1 के यमुना खादर इलाके में पहुंचा, वहां के स्थानीय लोग और राजनीतिक कार्यकर्ता विरोध में उतर आए। उन्होंने डीडीए के अधिकारियों के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया और नारेबाजी शुरू कर दी।
विधायक रविंद्र सिंह नेगी ने भी भाग लिया और डीडीए के खिलाफ विरोध किया।
इस विरोध प्रदर्शन में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के विधायक रविंद्र सिंह नेगी ने भी भाग लिया और डीडीए के खिलाफ विरोध किया। यह विरोध राजनीतिक रंग लेता हुआ दिखाई दे रहा है, क्योंकि आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और नेता एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
विरोध का कारण
दिल्ली में ग्रीन बेल्ट पर अवैध कब्जे एक लंबे समय से समस्या बने हुए हैं।
दिल्ली में ग्रीन बेल्ट पर अवैध कब्जे एक लंबे समय से समस्या बने हुए हैं। अब जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार सत्ता में आई है, तो वह इन कब्जों को हटाने के लिए गंभीर कदम उठा रही है। हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान यह मामला राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है, क्योंकि कब्जों से संबंधित कई मामले सत्ता में बैठी भाजपा और विपक्षी पार्टी आम आदमी पार्टी के नेताओं से जुड़े हुए हैं।
राजनीतिक टकराव
कुछ विधायक इन कब्जों को हटाने के खिलाफ खड़े हो गए हैं।
जहां एक ओर आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को लेकर प्रशासन पर दबाव बना रही है, वहीं भाजपा के कुछ विधायक इन कब्जों को हटाने के खिलाफ खड़े हो गए हैं। उनका कहना है कि यह प्रक्रिया उनके समर्थकों की विरोध में है और इसके परिणामस्वरूप राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो सकती है।
कोर्ट का आदेश
डीडीए को अवैध कब्जाधारकों को समय देना चाहिए
दिल्ली कोर्ट ने डीडीए को और समय देने का आदेश दिया है। कोर्ट का कहना है कि डीडीए को अवैध कब्जाधारकों को समय देना चाहिए, ताकि वे अपने कब्जे को कानूनी रूप से समाप्त कर सकें। हालांकि, यह देखना बाकी है कि डीडीए इस आदेश का पालन करता है या नहीं और इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
दिल्लीवासियों की निगाहें
दोनों पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता अवैध कब्जों को लेकर एक-दूसरे से टकरा रहे हैं।
दिल्ली में सत्ता में भारतीय जनता पार्टी है, जबकि विपक्ष में आम आदमी पार्टी है। दोनों पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता अवैध कब्जों को लेकर एक-दूसरे से टकरा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में अधिकांश कब्जे नेताओं के हैं, जिनमें भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों के नेता शामिल हैं। अब यह देखना होगा कि डीडीए इस जटिल स्थिति का समाधान किस तरह से करता है।
अभी तक, दिल्ली में ग्रीन बेल्ट से अवैध कब्जे हटाने की प्रक्रिया राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से संवेदनशील बनी हुई है, और दिल्लीवासियों की नजरें इस मुद्दे पर टिकी हुई हैं।