
कुछ स्वार्थी नेता किसानों को भड़काकर औद्योगिक विकास में विघ्न डालने की कोशिश कर रहे हैं,
किसान और प्रशासन की तैयारियां जोर पर
गुरुग्राम, 21 मार्च 2025
हरियाणा सरकार सोहना आईएमटी औद्योगिक क्षेत्र के विकास में तेजी से जुटी हुई है, लेकिन इस बार स्थिति तनावपूर्ण हो सकती है। किसानों का विरोध इस विकास कार्य के खिलाफ बढ़ता जा रहा है और वे मुआवजे की बढ़ी हुई मांग को लेकर अबकी बार आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। ऐसे में, 7 अप्रैल को सोहना आईएमटी में एक बड़ा टकराव होने की संभावना जताई जा रही है।
200 पुलिसकर्मियों के सुरक्षा कवर के बीच जारी विकास कार्य
हरियाणा सरकार सोहना आईएमटी को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए 200 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के साथ काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि विदेशी और भारतीय उद्योगपतियों का विश्वास जीता जाए और इस क्षेत्र को औद्योगिक गतिविधियों के लिए एक आदर्श केंद्र बनाया जाए। इसके लिए मेवात क्षेत्र में एचएसआईडीसी (हरियाणा राज्य औद्योगिक विकास निगम) के अधिकारी लगातार विकास कार्यों पर नजर बनाए हुए हैं।
एचएसआईडीसी के वरिष्ठ अधिकारी अरुण कुमार गर्ग ने बताया कि उनकी टीम सोहना आईएमटी में दिन-रात काम कर रही है, जबकि पुलिस बल उन्हें सुरक्षा प्रदान कर रहा है। यह सब सोहना आईएमटी में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है, लेकिन किसान इसे लेकर आक्रोशित हैं।
किसान नेता रवि आजाद का विरोध
मुआवजे की बढ़ी हुई मांग को अनदेखा किया जा रहा है , रवि आजाद
यदि किसानों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे।
किसान नेता रवि आजाद ने धमकी दी है कि अगर प्रशासन ने 7 अप्रैल से पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से किसानों की मुलाकात नहीं कराई, तो किसान औद्योगिक क्षेत्र के विकास कार्य को रोक देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पिछले कई वर्षों से किसानों के साथ धोखा कर रही है और मुआवजे की बढ़ी हुई मांग को अनदेखा किया जा रहा है।
आगे रवि आजाद ने चेतावनी दी कि यदि किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलता और प्रशासन ने उनकी बात नहीं मानी, तो वे अपना संघर्ष और तेज करेंगे। उन्होंने सरकार को यह चेतावनी दी कि यदि किसानों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे।
किसान नेता ने यह भी कहा कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के किसान एकजुट हो चुके हैं और अबकी बार किसानों के समर्थन में देश के बड़े किसान नेता भी खड़े होंगे।
राव नरवीर सिंह का बयान
सख्त कानून के तहत दंडित किया जाएगा।
हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरवीर सिंह ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य प्रदेश को विकसित करना है, और यह काम हर कीमत पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने किसानों को भाई बताते हुए कहा कि कुछ स्वार्थी नेता किसानों को भड़काकर औद्योगिक विकास में विघ्न डालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसे तत्वों से निपटना सरकार और पुलिस प्रशासन का काम है।
राव नरवीर सिंह ने कहा कि गुरुग्राम और मेवात में कोई फर्क नहीं है, लेकिन जो लोग औद्योगिक क्षेत्र को विकसित होने से रोकने की कोशिश करेंगे, उन्हें सख्त कानून के तहत दंडित किया जाएगा।
राकेश टिकैत का समर्थन
मेवात के किसानों के संघर्ष में शामिल होने के लिए तैयार हैं।
देश के प्रमुख किसान नेता राकेश टिकैत ने किसानों के संघर्ष को समर्थन देते हुए कहा कि यदि सरकार किसानों के साथ धोखा करती है, तो उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसान अकेले नहीं हैं, बल्कि पूरा देश उनके साथ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान अगर एकजुट हो गए तो सरकार को उसका जवाब देना मुश्किल हो जाएगा।
टिकैत ने यह भी कहा कि अगर प्रशासन ने किसानों के खिलाफ कोई भी कठोर कदम उठाया तो वह मेवात के किसानों के संघर्ष में शामिल होने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि किसानों का संघर्ष किसी भी हालत में खत्म नहीं होगा, और वे अपने हक के लिए लड़ते रहेंगे।
क्या सरकार और किसान नेताओं के बीच कोई समझौता हो पाता है, या फिर संघर्ष
सोहना आईएमटी में 7 अप्रैल को होने वाली संभावित टकराव की स्थिति को लेकर प्रशासन और किसान दोनों अपनी-अपनी तैयारियां कर रहे हैं। अब यह देखना होगा कि क्या सरकार और किसान नेताओं के बीच कोई समझौता हो पाता है, या फिर यह संघर्ष और तेज हो जाता है। फिलहाल, स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और यह 7 अप्रैल के बाद ही स्पष्ट होगा कि आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।