
इनका ध्यान ज्यादा पाकिस्तान की तरफ है।
चंडीगढ़, 21 मार्च: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “उमर अब्दुल्ला को देश की राजनीति का ज्ञान नहीं है और इनका ध्यान ज्यादा पाकिस्तान की तरफ है।” उन्होंने कहा कि “अनुच्छेद 370 हरि सिंह जी ने नहीं लगाई थी, बल्कि हरि सिंह जी ने उस विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए थे, जिस पर 565 रियासतों ने हस्ताक्षर किए थे, उसमें एक भी अक्षर इधर से उधर नहीं था।”
यह बयान विज ने मीडिया द्वारा कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा अनुच्छेद 370 को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दिया। उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि अनुच्छेद 370 को हरियाणा और पंजाब के लोगों से बचाने के लिए लगाया गया था।
उमर अब्दुल्ला के दादा शेख अब्दुल्ला को खुश करने के लिए
अनुच्छेद 370 लागू किया था।
विज ने इस पर जवाब देते हुए कहा, “उमर अब्दुल्ला के दादा शेख अब्दुल्ला को खुश करने के लिए उस समय की कांग्रेस सरकार ने कश्मीर को विशेष दर्जा देने के लिए अनुच्छेद 370 लागू किया था।” उन्होंने आगे कहा, “उन्हें नसीहत दी कि थोड़ा सा पढ़ाई करें, और जिम्मेदार पद पर होने के नाते ऐसे बयान नहीं देने चाहिए। उमर अब्दुल्ला हरियाणा और पंजाब का नाम ले रहे हैं, जबकि मैं उनकी जानकारी के लिए बता दूं कि हरियाणा 1966 में बना था, और यह उन्हें पता होना चाहिए।”
विज ने यह भी स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 370 का उद्देश्य हरियाणा और पंजाब को बचाना नहीं था, जैसा कि उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया था। उनका कहना था कि इस अनुच्छेद को लागू करने का उद्देश्य कश्मीर को विशेष दर्जा देना था, और यह कांग्रेस द्वारा किया गया था।
अनुच्छेद 370 कांग्रेस की पैदाइश है
इसके बाद, कांग्रेस के इस मुद्दे पर समर्थन के सवाल पर विज ने कहा कि “अनुच्छेद 370 कांग्रेस की पैदाइश है, इसलिए कांग्रेस इसे समर्थन करेगी।”
इस प्रकार, इस बयान ने कश्मीर के विशेष दर्जे के मुद्दे पर एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दिया है, जिसमें हरियाणा के मंत्री ने उमर अब्दुल्ला और कांग्रेस की आलोचना की, जबकि कांग्रेस ने अपना समर्थन दिया।