
प्रशासन की लापरवाही पर सवाल
नई दिल्ली, 22 मार्च 2025: उत्तर पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास इलाके में शुक्रवार, 21 मार्च को एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जब एक 3 साल के बच्चे की खुले नाले में गिरकर मौत हो गई। यह घटना उस वक्त हुई जब बच्चा अपने घर के बाहर खेल रहा था और अचानक खुले नाले में गिर गया। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और सिंचाई विभाग की लापरवाही को एक बार फिर उजागर किया है।
पुलिस के मुताबिक, घटना दोपहर करीब 1:40 बजे की है, जब खजूरी खास थाने को सूचना मिली कि एक बच्चा नाले में गिर गया है। मृतक बच्चे की पहचान विश्वजीत कुमार के रूप में हुई है। बच्चा अपनी 8 साल की बड़ी बहन के साथ घर के बाहर खेल रहा था। खेलते-खेलते वह नाले के पास पहुंच गया और अचानक उसमें गिर गया। नाले की दीवार टूटी हुई थी और नाले के आसपास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चे को नाले से बाहर निकाला और उसे जेपीसी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक बच्चे के पिता रामविलास सिंह, जो एक चपरासी के तौर पर काम करते हैं, ने बताया, “मेरे दोनों बच्चे खेल रहे थे, और नाले के पास कोई दीवार या सुरक्षा का इंतजाम नहीं था। अगर वहां दीवार होती, तो मेरा बच्चा आज जिंदा होता।”
परिवार और स्थानीय लोग प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि खुले नाले को ढकने और उसके आसपास सुरक्षा इंतजामों को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106 के तहत मामला दर्ज किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया है। स्थानीय लोग कहते हैं कि पहले भी खुले नाले की वजह से कई बच्चों की जान जा चुकी है, लेकिन प्रशासन ने इस मामले पर कभी ध्यान नहीं दिया।
यह घटना दिल्ली में बुनियादी ढांचे की खामियों और रखरखाव की कमी को उजागर करती है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को नाले को ढकने के साथ-साथ इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से नाले को तुरंत ढकने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।