कुरुक्षेत्र, हरियाणा – 22 मार्च 2025 ,
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में स्थित केशव पार्क में चल रहे 1000 कुंडीय महायज्ञ के दौरान एक बड़ी हिंसक घटना घटी है। इस महायज्ञ में कई लोग घायल हो गए हैं, और विवाद बढ़ने के बाद पुलिस को हवा में गोलियां चलानी पड़ी। घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और जाम लगा दिया। इससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई। पुलिस प्रशासन पर यह आरोप भी लगाए गए हैं कि वह पूरी घटना के दौरान निष्क्रिय रहा और किसी ने भी गोलीबारी को रोकने की कोशिश नहीं की।
घटना बासी भजन , तनाव की स्थिति उत्पन्न
कुरुक्षेत्र के केशव पार्क में 18 मार्च से 1000 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन हो रहा था, जो 27 मार्च तक चलने वाला था। इस महायज्ञ में 1008 कुंडीय हवन का आयोजन किया जा रहा था। लेकिन यज्ञ के दौरान एक विवाद पैदा हो गया जब कुछ युवाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें बासी भजन दिए गए थे। इसके बाद यह विवाद और बढ़ गया, जिससे तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
गोलीबारी और घटना की गंभीरता:
स्वामी हरि ओम दास के निजी सुरक्षा कर्मियों ने तीन युवकों पर गोलियां चला दीं।
विवाद के बाद महायज्ञ के आयोजक स्वामी हरि ओम दास के निजी सुरक्षा कर्मियों पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने तीन युवकों पर गोलियां चला दीं। गोलीबारी में कई लोग घायल हो गए, और कई घायलों को इलाज के लिए विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
इस दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद थी, लेकिन उन्होंने कोई बड़ा कदम नहीं उठाया। गोलियां चलने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह घटना पुलिस की निष्क्रियता को उजागर करती है, क्योंकि पुलिस और अधिकारी सिर्फ खड़े रहे और स्थिति को बिगड़ते हुए देखा।
स्थानीय लोगों का विरोध और पत्थरबाजी:
पत्थरबाजी और विरोध प्रदर्शन के कारण
गोलीबारी के बाद, नाराज स्थानीय लोगों ने महायज्ञ स्थल के पास कुरुक्षेत्र कैथल रोड को जाम कर दिया। इसके बाद, उन्होंने जमकर पत्थरबाजी की, जिससे स्थिति और भी बिगड़ गई। पुलिस ने जाम खोलने के लिए कार्रवाई की, लेकिन जाम नहीं खुल सका और स्थिति को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। पत्थरबाजी और विरोध प्रदर्शन के कारण, वहां की स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
घायलों की स्थिति:
जयप्रकाश सिविल अस्पताल में भर्ती
इस घटना में एक युवक, आशीष तिवारी, को गंभीर रूप से घायल होने के कारण जयप्रकाश सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया है। अन्य घायलों को भी इलाज के लिए विभिन्न अस्पतालों में भेजा गया है।
कानून व्यवस्था पर सवाल:
साधु-संतों के सुरक्षा कर्मी इतने सशस्त्र और हिंसक हो सकते हैं
यह घटना हरियाणा की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है। कई लोगों ने आरोप लगाया है कि महायज्ञ में सुरक्षा के लिए तैनात साधु-संतों के सुरक्षा कर्मी इतने सशस्त्र और हिंसक हो सकते हैं, जो बिना किसी कारण के गोली चला सकते हैं। इसके अलावा, पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं। गोलीबारी के बावजूद पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न करना और स्थिति को नियंत्रित न कर पाना एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है।
मामले की जांच और आगे की स्थिति:
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
स्थिति को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद, प्रशासन को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी होगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सारांश:
पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल
कुरुक्षेत्र के महायज्ञ में हुए विवाद और गोलीबारी ने न केवल स्थानीय लोगों के बीच आक्रोश बढ़ा दिया, बल्कि पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। इस घटना ने साफ किया कि पुलिस को इस तरह की गंभीर स्थितियों में सक्रिय रूप से कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन इस बार पुलिस पूरी तरह से निष्क्रिय रही। घटना के बाद, यह सवाल भी उठने लगे हैं कि साधु-संतों के सुरक्षा कर्मियों की भूमिका और उनकी जिम्मेदारी पर पुनः विचार करने की जरूरत है।