
आज का पंचांग (23 मार्च 2025)
विक्रम संवत: 2081
संवत्सर नाम: कालयुक्त
संवत्सर राजा: मंगल
संवत्सर मंत्री: शनि
सूर्य उत्तरायण, ऋतु: वसंत
सूर्य उदय: 6:26 AM
सूर्य अस्त: 6:30 PM
चैत्र मास कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि
अंग्रेजी दिनांक: 23 मार्च 2025
दिन: रविवार
ग्रहों की स्थिति
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चंद्रमा: धनु राशि में, नक्षत्र – पूर्वाषाढ़ा
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आज चंद्रमा पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के 2, 3, और 4 चरणों से गुजरेंगे:
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प्रातः 9:37 से चरण 2
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दोपहर 3:51 से चरण 3
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रात्रि 10:05 से चरण 4
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ग्रहों के स्थान:
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सूर्य: मीन राशि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र के चरण 2 में
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मंगल (वक्री): मिथुन राशि, पुनर्वसु नक्षत्र के चरण 3 में
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बुद्ध (वक्री): मीन राशि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र के चरण 3 में
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गुरु: वृष राशि, रोहिणी नक्षत्र के चरण 4 में
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शुक्र (वक्री और अस्त): मीन राशि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र के चरण 2 में
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शनि: कुंभ राशि, पूर्व भाद्रपद नक्षत्र के चरण 3 में
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राहु: मीन राशि, पूर्व भाद्रपद नक्षत्र के चरण 4 में
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केतु: कन्या राशि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के चरण 2 में
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आज के मुख्य योग और विशेषताएँ
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वरीयान योग: सायं 5:59 तक, यह एक शुभ ज्योतिषीय योग माना जाता है और इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
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परिघ योग: वरीयान योग के बाद परिघ योग शुरू होगा, जो ज्योतिष में अशुभ माना जाता है। इस दौरान शुभ कार्यों से बचना चाहिए, क्योंकि यह योग निराशा और अवसाद की स्थिति उत्पन्न कर सकता है।
भद्र काल
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समय: सायं 5:23 से अगले दिन प्रातः 5:06 तक
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महत्व: भद्र काल में कोई भी मांगलिक कार्य या शुभ कार्य करने से बचना चाहिए, क्योंकि यह समय शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं होता है।
राहु काल
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समय: सायं 5:00 से 6:30 तक
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महत्व: राहु काल के दौरान कोई भी नया कार्य या शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। यह समय कार्यों में विघ्न डाल सकता है।
दिशा शूल
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दिशा: पश्चिम दिशा की ओर यात्रा करने से बचें।
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उपाय: अगर पश्चिम दिशा की यात्रा करनी पड़े, तो दलिया और घी खाकर यात्रा करें, जिससे नकारात्मक प्रभाव से बचा जा सके।
दैनिक लग्न सारणी
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प्रातः 6:01 तक – कुंभ
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8:26 तक – मीन
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9:01 तक – मेष
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10:56 तक – वृष
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दोपहर 1:11 तक – मिथुन
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3:31 तक – कर्क
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सायं 5:49 तक – सिंह
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रात्रि 8:04 तक – कन्या
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10:24 तक – तुला
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12:43 तक – वृश्चिक
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2:47 तक – धनु
आज के प्रमुख पर्व
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नवमी तिथि: आज कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है, जो विशेष रूप से रक्षात्मक और मंगलकारी कार्यों के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
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सुर्य और चंद्रमा की स्थिति: चंद्रमा पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में हैं, जो शांति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
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शुभ दिशा: आज की शुभ दिशा – पूर्व, उत्तर, दक्षिण-पूर्व।
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दिशा शूल: पश्चिम दिशा में यात्रा से बचें।
आज का दिन विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है कि भद्र काल और राहु काल में कोई भी नया कार्य नहीं करना चाहिए और वरीयान योग का लाभ उठाना चाहिए।