
40 पुलिस स्टेशनों में वर्षा जल संचयन (RWH) प्रणाली स्थापित
गुरुग्राम, 24 मार्च 2025: जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए गुरुग्राम पुलिस ने एक अनूठी पहल की शुरुआत की है। इस पहल के तहत, गुरुग्राम पुलिस ने जिले के सभी 40 पुलिस स्टेशनों में वर्षा जल संचयन (RWH) प्रणाली स्थापित की है। यह परियोजना नवज्योति इंडिया फाउंडेशन द्वारा एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज़ लिमिटेड की सीएसआर पहल के तहत संचालित की गई। इसके अंतर्गत 45 वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया गया है।
योजना का उद्देश्य और महत्व:
जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय जल मिशन से जुड़ी
यह पहल “जहां पानी गिरे, वहां इसे संचित करें” (Catch the Rain Where It Falls) अभियान के तहत की गई है, जो जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय जल मिशन से जुड़ी हुई है। इसके जरिए वर्षा के पानी का संचयन कर उसे भूजल के पुनर्भरण में बदला जाएगा, जिससे जल संकट से निपटने में मदद मिलेगी। इस योजना के तहत सभी RWH संरचनाओं को हरियाणा के सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के जल शक्ति पोर्टल पर पंजीकृत किया गया है, ताकि इसके दीर्घकालिक प्रभाव और जवाबदेही को सुनिश्चित किया जा सके।
विश्व जल दिवस पर सम्मेलन का आयोजन:
विश्व जल दिवस के अवसर पर इस परियोजना के प्रभाव और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए गुरुग्राम पुलिस आयुक्त कार्यालय में एक विशेष सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. किरण बेदी (आईपीएस, रिटायर्ड, पूर्व उपराज्यपाल, पुडुचेरी और नवज्योति इंडिया फाउंडेशन की संस्थापक) सम्मिलित हुईं। इस सम्मेलन में नवज्योति इंडिया फाउंडेशन ने परियोजना की परिणाम रिपोर्ट जारी की, जिसमें इस परियोजना के प्रभाव, प्रमुख सीख और सर्वोत्तम प्रथाओं को रेखांकित किया गया।
पुलिस आयुक्त का संदेश:
गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा ने इस पहल को लेकर अपने विचार साझा करते हुए कहा, “हमारे परिसरों में वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित करके, हम जल संरक्षण में एक महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं और अपनी परिचालन क्षमता को भी मजबूत कर रहे हैं। यह जल संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाता है।”
डॉ. किरण बेदी की सराहना:
डॉ. किरण बेदी ने इस अवसर पर जल संरक्षण में संस्थागत जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “जल संरक्षण केवल एक पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं है, बल्कि यह हर संस्था का कर्तव्य है। यह पहल न केवल हमारी जल सुरक्षा को मजबूत करती है, बल्कि यह दिखाती है कि कानून प्रवर्तन विभाग पर्यावरणीय सततता में नेतृत्व कर सकता है।”
नवज्योति फाउंडेशन की भूमिका:
नवज्योति इंडिया फाउंडेशन की समन्वय निदेशक डॉ. चाँदनी बेदी ने इस परियोजना के परिणामों पर जोर देते हुए कहा कि इस पहल के जरिए 34 मिलियन लीटर वार्षिक भूजल पुनर्भरण की क्षमता विकसित की गई है। इसके अलावा, डॉ. फौज़िया तरन्नुम, जल और सततता सलाहकार ने आधिकारिक परियोजना रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष प्रस्तुत किए, जिसमें इस पहल की सफलता और भविष्य में इसके विस्तार के लिए संभावित क्षेत्रों का विश्लेषण किया गया।
भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा:
सम्मेलन में एक खुला चर्चा सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने इस पहल को और अधिक प्रभावी बनाने और इसे विस्तारित करने की रणनीतियों पर विचार साझा किए। इस दौरान गुरुग्राम पुलिस और नवज्योति फाउंडेशन ने जल संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा की।
कार्यक्रम के समापन के दौरान, डॉ. कविता (एपीसी, महिला विरुद्ध अपराध) ने सभी हितधारकों के योगदान को सराहा और गुरुग्राम को सतत जल प्रबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। गुरुग्राम पुलिस इस पहल के माध्यम से नवज्योति इंडिया फाउंडेशन, एसबीआई कार्ड्स और अन्य सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर जल संरक्षण के क्षेत्र में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।
इस कार्यक्रम में डीसीपी, एसीपी, एसएचओ और विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया, और उन्होंने जल संरक्षण के इस प्रभावी उपाय को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने विचार साझा किए।