सरकार किसानों को परेशान ना करें,
नई दिल्ली, 26 मार्च:
हरियाणा सरकार की ओर से किसानों की सरसों की फसल की एमएसपी पर खरीदारी में हो रही देरी को लेकर किसान नेता रवि आजाद ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पहले से तय समय से सात दिन बाद खरीदी की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे किसान परेशान हो गए हैं। सरकार ने किसानों से वादा किया था कि उनकी फसल को समय पर खरीदा जाएगा, लेकिन वादा पूरा नहीं हुआ और अब खरीदारी शुरू होने के बाद भी किसानों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
हमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से उम्मीद थी कि वे किसानों के साथ किए गए वादे को निभाएंगे,
किसान नेता रवि आजाद ने एक खास बातचीत में कहा, “हमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से उम्मीद थी कि वे किसानों के साथ किए गए वादे को निभाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार किसानों के हित में काम करने की बात करती है, लेकिन असल में किसानों को परेशान किया जा रहा है।”
रवि आजाद ने बताया कि किसानों की सरसों की फसल का गेट पास एक साथ नहीं दिया जा रहा। उदाहरण के तौर पर, जिन किसानों के पास 25 क्विंटल से लेकर 30 क्विंटल तक सरसों की फसल है, उन्हें अलग-अलग समय पर गेट पास दिया जा रहा है। जिससे किसान परेशान हो रहे हैं और उन्हें अनाज मंडी में बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इस प्रक्रिया के चलते किसानों को भारी आर्थिक और मानसिक नुकसान हो रहा है, क्योंकि वे अपनी फसल के साथ बार-बार मंडी का चक्कर लगाते हैं और उनका समय भी बर्बाद हो रहा है।
सरकार को बारदाने की व्यवस्था भी सही तरीके से करनी चाहिए
उन्होंने सरकार से यह अपील की कि किसानों को उनकी पूरी फसल का गेट पास एक ही दिन में दिया जाए, ताकि उनका समय, मेहनत और खर्च बच सके। उनका कहना था कि यदि सरकार 25 से 40 क्विंटल तक की फसल का गेट पास एक दिन में दे देती है, तो किसान को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
किसान नेता ने यह भी कहा कि सरकार को बारदाने की व्यवस्था भी सही तरीके से करनी चाहिए, क्योंकि बारदाने की कमी की वजह से भी किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो किसान यूनियन और किसान नेता चुप नहीं बैठेंगे और इस मुद्दे को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे।
ताकि किसानों को अपनी फसल की बिक्री में कोई परेशानी न हो।
रवि आजाद ने यह भी कहा कि सिर्फ सरसों की फसल ही नहीं, अगले कुछ दिनों में गेहूं की फसल भी मंडियों में आनी शुरू होगी। ऐसे में सरकार को इस समय किसानों के लिए सभी आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि किसानों को अपनी फसल की बिक्री में कोई परेशानी न हो।
किसान देश की धरोहर हैं और उनका सम्मान किया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा, “किसान ही देश का अन्नदाता है और सरकार को उसकी परेशानियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। किसान दिन-रात मेहनत करता है और जब वह अपनी फसल लेकर मंडी आता है, तो सरकार उसे परेशान क्यों करती है?” रवि आजाद ने कहा कि किसान के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना जारी रहेगा, क्योंकि किसान देश की धरोहर हैं और उनका सम्मान किया जाना चाहिए।
किसान नेता ने सरकार से यह भी आग्रह किया कि किसानों की समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द किया जाए, ताकि फसल की बिक्री का कार्य सुचारू रूप से चल सके और किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।