
नई दिल्ली, 27 मार्च 2025 – त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में लोकसभा सांसद बिप्लब कुमार देब ने लोकसभा में त्रिपुरा में IIT (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) और IIM (भारतीय प्रबंध संस्थान) की स्थापना के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत में त्रिपुरा एक महत्वपूर्ण राज्य है, और यहां पर ऐसे प्रतिष्ठित शैक्षिक संस्थानों की स्थापना से न केवल स्थानीय युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा प्राप्त होगी, बल्कि इससे राज्य और पूरे क्षेत्र का समग्र आर्थिक और तकनीकी विकास भी होगा।
बिप्लब कुमार देब का बयान:
युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा मिलेगी
बिप्लब कुमार देब ने लोकसभा में कहा, “त्रिपुरा और पूर्वोत्तर क्षेत्र के अन्य राज्यों में उच्चतम स्तर की शिक्षा की भारी कमी है। इस क्षेत्र के युवा अपनी शिक्षा के लिए अक्सर बाहर जाने को मजबूर होते हैं, जो उनके लिए एक अतिरिक्त बोझ बन जाता है। अगर त्रिपुरा में IIT और IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित किए जाते हैं, तो न केवल यहां के युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा मिलेगी, बल्कि यह राज्य के आर्थिक विकास के लिए भी एक बड़ी पहल होगी।”
बिप्लब कुमार देब की मांग:
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IIT और IIM की स्थापना से त्रिपुरा और पूर्वोत्तर भारत के युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिलेगी, जिससे वे प्रौद्योगिकी, विज्ञान, और प्रबंधन के क्षेत्रों में अपनी क्षमता का पूरा उपयोग कर सकेंगे।
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यह कदम स्थानीय उद्योगों, स्टार्टअप्स और नवाचार को भी प्रोत्साहित करेगा, जिससे राज्य में नौकरी के अवसर बढ़ेंगे और निवेश भी आकर्षित होंगे।
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आर्थिक विकास: इन संस्थानों की स्थापना से राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, क्योंकि यह नौकरी, निवेश और शिक्षा के क्षेत्र में विकास को गति देगा।
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समाज में परिवर्तन: इससे समाज में समानता और सशक्तिकरण का वातावरण बनेगा, क्योंकि सभी वर्गों के युवाओं को समान अवसर मिलेंगे।
त्रिपुरा और पूर्वोत्तर का भविष्य:
बिप्लब कुमार देब ने यह भी कहा कि त्रिपुरा जैसे क्षेत्रीय राज्य में IIT और IIM की स्थापना से पूर्वोत्तर भारत के बाकी राज्यों के लिए भी एक आदर्श स्थापित होगा। यह कदम न केवल शैक्षिक और तकनीकी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र की आर्थिक समृद्धि में भी योगदान करेगा।
उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर भारत में शैक्षिक और सामाजिक विकास की बहुत बड़ी आवश्यकता है, और IIT/IIM जैसे संस्थानों की स्थापना से न केवल इस क्षेत्र के शिक्षित युवाओं को एक बेहतर भविष्य मिलेगा, बल्कि यह राष्ट्रीय एकता और विकास के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण होगा।
सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए:
देब ने केंद्रीय सरकार से अनुरोध किया कि वह त्रिपुरा और पूर्वोत्तर भारत के विकास की दिशा में इन महत्वपूर्ण संस्थानों की स्थापना के लिए जल्द कदम उठाए। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल त्रिपुरा के लिए नहीं, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक सांस्कृतिक और शैक्षिक क्रांति की शुरुआत हो सकती है।
बिप्लब कुमार देब की यह मांग त्रिपुरा और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल हो सकती है। IIT और IIM जैसे प्रतिष्ठित शैक्षिक संस्थान ना केवल राज्य के विकास को गति देंगे, बल्कि यह युवा पीढ़ी को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेंगे। इस पहल से पूरे क्षेत्र में आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे पूर्वोत्तर भारत को एक नई दिशा मिल सकती है।