
नारनौल में शहीद स्मारक को लेकर मंत्री और विधायक में टकराव, मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद स्मारक पर विवाद
चंडीगढ़, 27 मार्च: हरियाणा विधानसभा में केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के समर्थक विधायक और राज्य के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के बीच नारनौल में शहीद स्मारक के निर्माण को लेकर तीखी बहस हुई। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के समर्थक विधायक ओम प्रकाश यादव ने विधानसभा में बयान देते हुए कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री ने नारनौल में शहीद स्मारक बनाने की घोषणा की थी और इसके लिए बजट की भी घोषणा की गई थी।
दक्षिणी हरियाणा से सबसे अधिक संख्या में अधिकारी और जवान सेना में रहे हैं,ओम प्रकाश यादव ,
विधायक ओम प्रकाश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार नारनौल में एक भव्य और सम्मानजनक शहीद स्मारक का निर्माण होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिणी हरियाणा से सबसे अधिक संख्या में अधिकारी और जवान सेना में रहे हैं, और कई शहीद हुए हैं। इस कारण शहीद स्मारक का निर्माण पूरे क्षेत्र की भावनाओं का सम्मान करेगा और इसे बड़े स्तर पर बनाया जाना चाहिए।
यदि भविष्य में जरूरत पड़ी तो इस स्मारक के विस्तार या पुनर्निर्माण पर विचार किया जाएगा, राव नरबीर सिंह
वहीं, हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नारनौल में पहले से ही एक शहीद स्मारक मौजूद है, जिसकी देखरेख पहले पंचायत करती थी और अब किसी भी एजेंसी के द्वारा उस स्मारक का रख-रखाव किया जाएगा। मंत्री राव नरबीर सिंह ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में जरूरत पड़ी तो इस स्मारक के विस्तार या पुनर्निर्माण पर विचार किया जाएगा।
इस मामले में कोई भी रुकावट नहीं आनी चाहिए, विधानसभा
मंत्री और विधायक के बीच यह बहस विधानसभा में बढ़ते हुए नजर आई, और दोनों नेताओं के बीच शहीद स्मारक के निर्माण को लेकर अपनी-अपनी राय थी। केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के समर्थक विधायक ओम प्रकाश यादव ने मुख्यमंत्री की घोषणा का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में कोई भी रुकावट नहीं आनी चाहिए और स्मारक का निर्माण जल्द से जल्द किया जाना चाहिए। वहीं, राव नरबीर सिंह ने कहा कि पहले से बने स्मारक की देखभाल और सुधार की आवश्यकता हो सकती है, लेकिन नए स्मारक की कोई तत्काल आवश्यकता नहीं है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव को स्पीकर ने बोलने से रोक दिया।
यह बहस तब और दिलचस्प हुई जब हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने भी शहीद स्मारक के निर्माण पर अपनी राय रखने के लिए बोलने का प्रयास किया, लेकिन स्पीकर ने उन्हें बोलने से रोक दिया। इससे साफ प्रतीत होता है कि इस मुद्दे पर विधानसभा में और भी राजनीतिक तकरार हो सकती है।
अहीरवाल क्षेत्र के लोगों की भावनाओं और गौरव का प्रतीक बन सकता है।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शहीद स्मारक का निर्माण केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि पूरे अहीरवाल क्षेत्र के लोगों की भावनाओं और गौरव का प्रतीक बन सकता है। अगर यह स्मारक बड़े स्तर पर बनेगा तो इससे न केवल क्षेत्र की पहचान मजबूत होगी, बल्कि पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिल सकता है।
हालांकि इस मुद्दे पर विधानसभा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका है, लेकिन केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और उनके समर्थक विधायक ओम प्रकाश यादव मुख्यमंत्री की घोषणा का समर्थन करते हुए शहीद स्मारक के निर्माण की मांग कर रहे हैं। वहीं, राव नरबीर सिंह ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए इसे तत्काल जरूरी नहीं बताया।
प्रश्न:
यह सवाल उठता है कि राव नरबीर सिंह क्यों शहीद स्मारक के निर्माण में रुकावट डाल रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री की घोषणा पहले ही हो चुकी है? क्या यह राजनीतिक प्रतिद्वंदिता का परिणाम है या फिर कोई अन्य कारण है?
राव नरबीर सिंह ने शहीद स्मारक की आवश्यकता पर सवाल उठाया है।
नारनौल में शहीद स्मारक को लेकर मंत्री और विधायक के बीच राजनीतिक मतभेद उभर कर सामने आए हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद मंत्री राव नरबीर सिंह ने शहीद स्मारक की आवश्यकता पर सवाल उठाया है। विधायक ओम प्रकाश यादव ने मुख्यमंत्री की घोषणा का समर्थन करते हुए बड़े स्तर पर स्मारक निर्माण की मांग की, जबकि मंत्री ने इसे तत्काल जरूरी नहीं बताया। इस मुद्दे पर विधानसभा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका है।