
हरियाणा सरकार का वित्तीय बयान
चंडीगढ़, 27 मार्च 2025 – हरियाणा सरकार ने अपने कर्ज के आंकड़ों और वित्तीय योजनाओं पर एक विस्तृत बयान जारी किया है, जिसमें राज्य सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि श्वेत पत्र (व्हाइट पेपर) लाने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि कैग (कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) की रिपोर्ट में हर वर्ष कर्ज के आंकड़े सार्वजनिक होते हैं।
कर्ज में वृद्धि और सुधार की दिशा:
-
पावर कम्पनियों का ऋण:
हरियाणा की पावर कम्पनियों का ऋण वर्ष 2004-05 तक 1,337 करोड़ रुपये था, जो 2014-15 में 24 गुना बढ़कर 31,553 करोड़ रुपये हो गया। यह आंकड़ा राज्य की बिजली कंपनियों द्वारा किए गए वित्तीय संकट और ऋण की समस्या को दर्शाता है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लागू की गई उदय योजना (Ujjwal Discom Assurance Yojana) के तहत, पावर कम्पनियों के ऊपर जो 11.2 प्रतिशत ब्याज था, उसे सरकार ने 8.2 प्रतिशत ब्याज पर टेक ओवर किया। इस कदम से 6,197 करोड़ रुपये का ब्याज बचाया गया और 2024-25 तक 20,030 करोड़ रुपये का मूल और ब्याज अदा किया जाएगा।
-
ऋण की वृद्धि दर:
राज्य सरकार के ऋण में बढ़ोतरी का विश्लेषण करते हुए यह कहा गया कि वर्ष 2013-14 में कर्ज 1,50,900 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 तक बढ़कर 5,22,000 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, यह वृद्धि दर पिछले दशक की तुलना में धीमी रही है।2004-05 से 2014-15 तक कर्ज की वृद्धि दर 5 गुणा थी, जबकि 2014-15 से 2024-25 तक यह 3 गुणा रही। इस प्रकार, कर्ज में वृद्धि की गति में सुधार देखा गया है।
सरकार के वित्तीय कदम:
-
राज्य सरकार का कर्ज:
राज्य का कर्ज 2004-05 में 17,347 करोड़ रुपये था, जो 2014-15 में बढ़कर 96,875 करोड़ रुपये हो गया। अगले 10 वर्षों में, कर्ज की वृद्धि दर 3 गुणा रही, जो पिछले दशक की तुलना में कम थी। -
ऋण वृद्धि दर (CAGR):
-
1999-2000 से 2003-04 तक ऋण की CAGR (कम्पाउंडेड वार्षिक वृद्धि दर) 18.15 प्रतिशत थी।
-
2004-05 से 2014-15 तक यह 15.12 प्रतिशत रही।
-
2015-16 से 2025-26 तक यह 13.25 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो कर्ज में वृद्धि की गति को धीमा करता है।
-
बजट 2025-26 में सुधार की दिशा:
-
सरकार ने 2025-26 के बजट में कुल कैपिटल आउटले का अनुमान 16,164 करोड़ रुपये लगाया है। इसमें अनुदान 6,798 करोड़ रुपये, पूंजीगत कार्यों के लिए ऋण 4,648 करोड़ रुपये, और मरम्मत एवं रखरखाव के लिए 2,516 करोड़ रुपये का खर्च किया जाएगा। इस प्रकार, प्रभावी कैपिटल आउटले 30,126.25 करोड़ रुपये होगा, जो बजट का 14.69 प्रतिशत है।
मिसलेनियस कैपिटल रीसीट्स:
इसके लिए एक Asset Management Cell बनाया गया है, जो 2025-26 में एस.ओ.पी. तैयार करके तीव्र गति से कार्य करेगा और राज्य के विकास को गति देने का प्रयास करेगा।
अग्रिम सुधार और योजनाओं का लक्ष्य:
-
अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 में, सरकार को लगभग 4,700 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि प्राप्त होगी, जिससे वह अपनी योजनाओं और विकास कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ा सकेगी।
-
सरकार ने उदय योजना और अन्य वित्तीय उपायों के जरिए 6,197 करोड़ रुपये का ब्याज बचाया और आगामी वर्षों में इसका बोझ कम किया।
हरियाणा सरकार ने वित्तीय आंकड़ों, कर्ज की स्थिति, और आगामी योजनाओं पर गहरी जानकारी दी है, जो राज्य के वित्तीय स्वास्थ्य में सुधार के संकेत हैं। सरकार ने अपने कदमों से यह स्पष्ट किया है कि कर्ज को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की जा रही हैं और वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।