नवरात्रि में मीट की दुकानों पर पाबंदी की मांग: यूपी, दिल्ली और झारखंड में उठा मुद्दा
नई दिल्ली 28 मार्च। नवरात्रि के पावन अवसर पर बीजेपी नेताओं ने यूपी, दिल्ली और झारखंड सहित कई राज्यों में मीट की दुकानों को बंद रखने की मांग की है। उनका कहना है कि नवरात्रि के दौरान हिंदू धर्म के श्रद्धालु पूजा-पाठ और व्रत रखते हैं, ऐसे में मांसाहारी दुकानों को बंद रखना धार्मिक आस्थाओं का सम्मान होगा।
🗣 क्या है बीजेपी नेताओं की मांग?
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उत्तर प्रदेश, दिल्ली और झारखंड में बीजेपी के नेताओं ने स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक मीट और शराब की दुकानों को बंद रखा जाए।
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उन्होंने कहा कि मांस और शराब की बिक्री से धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचती है, इसलिए इन पर आंशिक या पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
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हिंदू संगठनों ने भी इस मांग का समर्थन किया है।
📍 कहां-कहां हो सकती है पाबंदी?
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उत्तर प्रदेश: यहां कई जिलों में स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन सौंपे गए हैं।
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दिल्ली: हर साल की तरह इस बार भी सफाई और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए दुकानों को बंद रखने की मांग की गई है।
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झारखंड: बीजेपी नेताओं ने धार्मिक स्थलों और आवासीय इलाकों के पास मीट की दुकानों को बंद करने का अनुरोध किया है।
🚩 विरोध और समर्थन की प्रतिक्रिया
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हिंदू संगठन और कुछ स्थानीय निवासी इस फैसले के समर्थन में हैं, उनका कहना है कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान होना चाहिए।
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दूसरी ओर, मीट विक्रेताओं और व्यापारियों ने इस मांग का विरोध किया है। उनका कहना है कि इससे उनका व्यवसाय प्रभावित होगा और उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।
⏩ सरकार का क्या कहना है?
अब तक राज्य सरकारों ने इस पर कोई आधिकारिक आदेश नहीं जारी किया है। हालांकि, पिछले साल भी कुछ स्थानीय निकायों ने नवरात्रि के दौरान सफाई अभियान और दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए थे।
देखना होगा कि इस बार प्रशासन इस मांग पर क्या रुख अपनाता है और किस तरह का संतुलन बनाया जाता है।
दिल्ली बीजेपी विधायक रवि नेगी ने कहा कि हिंदू समुदाय के लोगों की नवरात्रि में विशेष आस्था होती है. उन्होंने बताया कि कई लोग उनसे मिलकर इस दौरान मीट की दुकानें बंद करने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “मैं एक निर्वाचित प्रतिनिधि हूं, इसलिए मैं चाहता हूं कि पूरी दिल्ली में यह नियम लागू हो.”
वहीं, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस मुद्दे पर अलग राय दी. उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान मीट की मांग स्वाभाविक रूप से कम हो जाती है, इसलिए दुकानों को बंद करने की जरूरत नहीं है.
बीजेपी विधायक अजय महावर ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि खुले में मीट काटने, बेचने और पकाने पर रोक लगनी चाहिए. उन्होंने कहा, “यह मीठी ईद है, बकरा ईद नहीं. हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए. नवरात्रि के दौरान खुले में मांसाहारी भोजन का व्यापार नहीं होना चाहिए.”