
भारत में मनाए जाने वाला एक प्रमुख मुस्लिम त्योहार है।
चंडीगढ़, 28 मार्च।
हरियाणा विधानसभा में ईद की छुट्टी को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष के नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस पार्टी के विधायक आफताब अहमद ने सरकार पर धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब ईद के अवसर पर छुट्टी रद्द की गई है, जबकि यह भारत में मनाए जाने वाला एक प्रमुख मुस्लिम त्योहार है।
“हम हिंदुस्तान में ईद मना रहे हैं, कहीं बाहर नहीं,
कांग्रेस पार्टी के विधायक आफताब अहमद ने विधानसभा में बोलते हुए कहा, “हम हिंदुस्तान में ईद मना रहे हैं, कहीं बाहर नहीं, और यह पहली बार देखा जा रहा है कि ईद के अवसर पर छुट्टी रद्द की गई है। मुस्लिम समुदाय का एक ही बड़ा त्योहार ईद है, और इस पर भी हरियाणा सरकार भेदभाव की राजनीति कर रही है।” उन्होंने आगे कहा, “ईद के त्योहार पर छुट्टी नहीं होनी चाहिए, लेकिन जानबूझकर सरकार छुट्टी का ऐलान रद्द कर चुकी है। यह क्यों किया जा रहा है?”
सरकार किसी भी समाज के साथ भेदभाव नहीं करती।
वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार किसी भी समाज के साथ भेदभाव नहीं करती। उन्होंने कहा, “इस महीने में कई छुट्टियां होने के कारण हमें 31 मार्च की छुट्टी रद्द करनी पड़ी। हमारी कोई मंशा नहीं है कि हम किसी समाज के साथ भेदभाव करें। ईद पूरे हिंदुस्तान में मनाई जाती है और हम उसका सम्मान करते हैं।” उन्होंने यह भी कहा, “जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे गलत और निराधार हैं। हरियाणा सरकार की कभी भी किसी को ठेस पहुंचाने की मंशा नहीं रही है।
सरकार ऐसा क्यों नहीं कर पा रही है?
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपनी पार्टी के विधायक आफताब अहमद का समर्थन करते हुए कहा, “ईद की छुट्टी हरियाणा सरकार को घोषित करनी चाहिए थी, लेकिन सरकार ऐसा क्यों नहीं कर पा रही है? इसका जवाब भी सरकार की ओर से स्पष्ट तौर पर नहीं मिला। मैंने अपने जीवन में कभी ऐसी सरकार नहीं देखी जो एक समुदाय के बड़े त्योहार के अवसर पर छुट्टी की घोषणा नहीं करती।” उन्होंने यह भी कहा, “हम लगातार सरकार से अपील कर रहे हैं कि ईद के अवसर पर छुट्टी दी जाए, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
ईद के अवसर पर छुट्टी घोषित करनी चाहिए।
हुड्डा ने आरोप लगाया कि सरकार का यह कदम एक समुदाय के साथ भेदभाव करने जैसा है और यह सख्त असंतोष का कारण बन रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय पर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए और ईद के अवसर पर छुट्टी घोषित करनी चाहिए।
यह विवाद विधानसभा में और राज्य में गहरे राजनीतिक और धार्मिक मतभेदों को उजागर करता है। सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस हो रही है, और विपक्ष ने इस मामले में सरकार के निर्णय को अनावश्यक और भेदभावपूर्ण बताया है।