
दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला:
नई दिल्ली, 29 मार्च: पिछले कुछ वर्षों से दिल्ली की सड़कों पर आवारा गायों का मुद्दा लगातार चर्चा में रहा है। दिल्ली सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाने का फैसला किया है। शुक्रवार को दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने विधानसभा में यह घोषणा की कि दिल्ली में गायों की सुरक्षा के लिए एक नया कानून लाया जाएगा। इस कानून में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं को भी शामिल किया जाएगा, ताकि गायों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और सड़कों पर घूमते मवेशियों के कारण होने वाली समस्याओं को कम किया जा सके।
गायों की सुरक्षा को लेकर एक “फुलप्रूफ” योजना तैयार की है।
मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह कानून गौ कल्याण को प्राथमिकता देगा और आवारा मवेशियों को सड़कों पर घूमने से रोककर दिल्ली की नागरिक व्यवस्था बनाए रखेगा। इस कदम से शहर में व्याप्त ट्रैफिक जाम, दुर्घटनाएं और अन्य समस्याओं को भी कम किया जा सकेगा।
इस कानून को मजबूत बनाने के लिए सभी हितधारकों
और विधानसभा सदस्यों के सुझावों को शामिल किया जाएगा।
दिल्ली सरकार ने गायों की सुरक्षा को लेकर एक “फुलप्रूफ” योजना तैयार की है। मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को इस योजना की घोषणा करते हुए बताया कि इस कानून को मजबूत बनाने के लिए सभी हितधारकों और विधानसभा सदस्यों के सुझावों को शामिल किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी पहलुओं का सही तरीके से ध्यान रखा जाए और कानून सभी समस्याओं को समाधान प्रदान करे।
मंत्री आशीष सूद का बयान
कानून में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं को भी ध्यान में रखा जाएगा।
मंत्री आशीष सूद ने कहा, “हम इस मामले में पूरी तरह से विचार विमर्श के बाद ही गायों की सुरक्षा के लिए बेहतर और सशक्त कानून लाएंगे। इस कानून में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं को भी ध्यान में रखा जाएगा। यह कानून गौ माता के कल्याण पर उठने वाली चिंताओं को दूर करेगा और दिल्ली की नागरिक व्यवस्था को बनाए रखेगा।”
विधायकों की चिंताएं और सुझाव
पुलिस को 25,393 शिकायतें मिलीं, जिनमें अधिकांश शिकायतें यातायात में व्यवधान और दुर्घटनाओं से संबंधित थीं।
दिल्ली विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान विभिन्न विधायकों ने अपनी चिंताएं जाहिर की। मॉडल टाउन विधायक ने बताया कि आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी से 19 फरवरी 2025 के बीच पुलिस को 25,393 शिकायतें मिलीं, जिनमें अधिकांश शिकायतें यातायात में व्यवधान और दुर्घटनाओं से संबंधित थीं। नीलम पहलवान, गजेंद्र द्राल और मनोज कुमार शौकीन जैसे अन्य विधायकों ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की। शकूर बस्ती के विधायक करनैल सिंह ने सुझाव दिया कि उन डेयरी मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए जो अपनी गायों को सड़कों पर छोड़ देते हैं और उन्हें आवारा बना देते हैं।
अब डेयरी मालिकों पर भी होगी कार्रवाई
अनधिकृत रूप से संचालित डेयरियों को सील किया जाएगा ।
दिल्ली नगर निगम (MCD) के केशवपुरम जोन की जोनल कमेटी ने एक महत्वपूर्ण बैठक में यह फैसला लिया है कि अनधिकृत रूप से संचालित डेयरियों को सील किया जाएगा और उनके मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, अवैध घर निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा। इस कार्रवाई का दायरा डेयरी मालिकों के आवास पर अवैध बिजली और पानी कनेक्शन तक होगा। यह कदम उस घटना के बाद उठाया गया है, जब बुधवार को मवेशियों के झुंड ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के काफिले को लगभग 15 मिनट तक रोक रखा था। इस घटना के बाद ही गायों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने यह कदम उठाने का निर्णय लिया।
शहर की नागरिक व्यवस्था को भी सुदृढ़ बनाएगा।
इसके लागू होने के बाद सड़कों पर गायों की संख्या में कितनी कमी आती है।
दिल्ली सरकार द्वारा गायों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम और प्रस्तावित कानून से यह उम्मीद की जा रही है कि सड़कों पर घूमते मवेशियों की समस्या को खत्म किया जा सकेगा। साथ ही यह शहर की नागरिक व्यवस्था को भी सुदृढ़ बनाएगा। हालांकि, यह देखना होगा कि यह योजना कितनी प्रभावी होती है और इसके लागू होने के बाद सड़कों पर गायों की संख्या में कितनी कमी आती है।
दिल्ली सरकार के इन प्रयासों से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में सड़कों पर गायों के लिए एक सुरक्षित वातावरण तैयार किया जाएगा और नागरिकों को होने वाली परेशानियों में भी कमी आएगी।