
आसाराम बापू बलात्कार और अन्य आरोपों में सजा काट रहे हैं।
नई दिल्ली, 29 मार्च 2025:
गुजरात हाई कोर्ट ने आसाराम बापू को एक महत्वपूर्ण राहत प्रदान करते हुए उनकी अंतरिम जमानत को तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है। आसाराम बापू, जो कि बलात्कार और अन्य आरोपों में सजा काट रहे हैं, को पहले भी कुछ समय के लिए जमानत मिल चुकी थी। अब गुजरात हाई कोर्ट के इस फैसले से उन्हें आगे भी कुछ समय तक बाहर रहने की अनुमति मिली है।
क्या है मामला?
यह जमानत उनकी सेहत के आधार पर दी गई है।
आसाराम बापू पर 2013 में नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार का आरोप लगा था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। वह तब से जोधपुर जेल में बंद हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय से वह इलाज के लिए अंतरिम जमानत पर बाहर थे। अब उनकी जमानत की अवधि को तीन महीने और बढ़ाया गया है, लेकिन यह जमानत उनकी सेहत के आधार पर दी गई है।
गुजरात हाई कोर्ट का निर्णय
उनकी हालत ठीक नहीं है और इलाज की आवश्यकता है।
गुजरात हाई कोर्ट ने अपनी सुनवाई में आसाराम बापू की जमानत बढ़ाने का आदेश दिया। अदालत ने यह निर्णय आसाराम की सेहत से संबंधित रिपोर्टों के आधार पर लिया, जिसमें कहा गया कि उनकी हालत ठीक नहीं है और इलाज की आवश्यकता है।
आसाराम की सेहत पर अदालत की चिंता
आसाराम बापू की सेहत को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद रहे हैं। जेल में रहने के दौरान उनकी तबियत बिगड़ गई थी, जिसके कारण उनके वकील ने इलाज के लिए उन्हें जमानत पर बाहर भेजने की मांग की थी। अदालत ने उनकी सेहत को ध्यान में रखते हुए उन्हें अंतरिम जमानत दी, ताकि वह बेहतर इलाज प्राप्त कर सकें।
क्या होगी जमानत की शर्तें?
आसाराम बापू को जो जमानत दी गई है, उसमें कुछ शर्तें भी हैं। अदालत ने यह सुनिश्चित करने के लिए उन्हें कुछ शर्तें लागू की हैं कि वह जमानत के दौरान कानून का उल्लंघन न करें। जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें फिर से कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है।
वकील का बयान
आसाराम के वकील ने इस फैसले को बड़ी राहत बताते हुए कहा कि यह उनके मुवक्किल के स्वास्थ्य और उनके अधिकारों का सम्मान है। उन्होंने यह भी बताया कि कोर्ट ने उन्हें भविष्य में जमानत के लिए पुनः आवेदन करने का अवसर दिया है, यदि उनकी सेहत में कोई बदलाव आता है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
आसाराम बापू के खिलाफ अभी कई अन्य आरोप भी लंबित हैं, जिनकी सुनवाई अदालतों में चल रही है। उनकी जमानत का फैसला केवल एक विशेष मामले तक सीमित है, और उनके बाकी कानूनी मामलों की सुनवाई जारी रहेगी।
गुजरात हाई कोर्ट का यह फैसला आसाराम बापू के लिए राहत का संदेश लेकर आया है, लेकिन यह उनके खिलाफ लंबित अन्य मामलों के कानूनी परिणामों को प्रभावित नहीं करेगा। अब यह देखना होगा कि आगामी तीन महीने में उनकी स्थिति क्या होती है और अदालत के अगले फैसले में क्या बदलाव आता है।