
जैन आचार्य लोकेशजी और केंद्रीय मंत्री जाधव ने योग-नैचुरोपेथी राष्ट्रीय बैठक को संबोधित किया।
भारतीय चिकित्सा प्रणाली अब दुनिया भर में प्रसिद्ध।
नई दिल्ली, 29 मार्च 2025: केंद्रीय आयुष मंत्री प्रताप राव जाधव और अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य लोकेश जी ने कोंस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित इंटरनेशनल नैचुरोपेथी ऑर्गनाइजेशन (INO) की राष्ट्रीय बैठक को संबोधित किया। इस बैठक का आयोजन सूर्या फ़ाउंडेशन और INO के मार्गदर्शन में किया गया था, और इसका मुख्य विषय था ‘योग व नैचुरोपेथी केंद्रीय विनियमन’। इस अवसर पर कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद थीं, जिनमें पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजय पासवान, और कई सांसदों के साथ-साथ आयुष मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल थे।
आयुष मंत्रालय के निरंतर प्रयास।
आयुष मंत्रालय ने पिछले कई दशकों से योग और नैचुरोपेथी के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास किए हैं।
केंद्रीय आयुष मंत्री प्रताप राव जाधव ने कहा कि आयुष मंत्रालय ने पिछले कई दशकों से योग और नैचुरोपेथी के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में, योग और भारतीय चिकित्सा प्रणाली अब दुनिया भर में प्रसिद्ध हो रही है। हम इस दिशा में और अधिक कदम उठाएंगे और जो सुझाव इस बैठक के दौरान दिए गए हैं, उन पर विचार किया जाएगा।”
योग और नैचुरोपेथी का महत्व।
पूरी दुनिया ने योग की भारतीय परंपरा को अपनाया है।
विश्व शांतिदूत आचार्य लोकेश जी ने इस अवसर पर कहा कि ध्यान और योग के नियमित अभ्यास से कोई भी स्वस्थ और समृद्ध जीवन जी सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि योग केवल शरीर के लिए नहीं, बल्कि मन और बुद्धि के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। आचार्य लोकेश ने कहा, “वर्तमान में, पूरी दुनिया ने योग की भारतीय परंपरा को अपनाया है और अब हमें नैचुरोपेथी को भी अपनी दैनिक जीवनशैली में शामिल करना चाहिए।”
केंद्रीय नियमावली और आयुष मिशन।
राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत, योग और नैचुरोपेथी चिकित्सकों की मान्यता।
इंटरनेशनल नैचुरोपेथी ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष डॉ. अनंत बिरादर ने बैठक में योग और नैचुरोपेथी से संबंधित केंद्रीय नियमावली के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत, योग और नैचुरोपेथी चिकित्सकों की मान्यता, आयुष भारत योजना और CGHS (केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना) में नैचुरोपेथी चिकित्सा की उपलब्धता पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
कार्यक्रम का आयोजन और समापन।
बैठक की शुरुआत नैचुरोपेथी गीत से हुई, और इसके बाद योग और नैचुरोपेथी की यात्रा पर एक फिल्म भी दिखाई गई। स्वागत भाषण डी. एन. शर्मा जी ने दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
संदेश दिया गया कि योग और नैचुरोपेथी को हमारी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए,
इस कार्यक्रम में योग और नैचुरोपेथी के महत्व पर जोर दिया गया और इस क्षेत्र में केंद्रीय स्तर पर नियमावली लागू करने के लिए कई महत्वपूर्ण विचार साझा किए गए। इस बैठक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि योग और नैचुरोपेथी को हमारी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए, ताकि हम एक स्वस्थ और समृद्ध जीवन जी सकें।