
भिवानी: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षाएं संपन्न
भिवानी: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं सफलतापूर्वक संपन्न हो गईं। इस साल की परीक्षाओं में कई अहम मुद्दे सामने आए, जिसमें नकल के मामले, परीक्षा केंद्रों का स्थान परिवर्तन, और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया शामिल हैं।
नकल के मामलों में वृद्धि
कुल 599 नकल के मामले दर्ज किए गए हैं, जो कि पिछले वर्षों के मुकाबले एक महत्वपूर्ण वृद्धि है।
पिछले चार वर्षों की तुलना में इस साल नकल के मामलों में इजाफा देखा गया। बोर्ड के अनुसार, कुल 599 नकल के मामले दर्ज किए गए हैं, जो कि पिछले वर्षों के मुकाबले एक महत्वपूर्ण वृद्धि है। इस आंकड़े को लेकर बोर्ड ने कहा कि कड़े उपायों के बावजूद छात्रों में नकल की प्रवृत्ति को पूरी तरह से रोका नहीं जा सका। हालांकि, सिर्फ 10 परीक्षा केंद्रों को बदलने की आवश्यकता पड़ी, जो कि पिछले सालों में अपेक्षाकृत कम था।
बोर्ड चेयरमैन और सचिव का बयान
बोर्ड के पास आगामी सीईटी (कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) की तैयारी के लिए भी संसाधन हैं,
बोर्ड के चेयरमैन डा. पवन कुमार और सचिव मुनीष नागपाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए परीक्षाओं की स्थिति और बोर्ड के आगामी कदमों के बारे में जानकारी दी। डा. पवन कुमार ने बताया कि बोर्ड के पास आगामी सीईटी (कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) की तैयारी के लिए भी संसाधन हैं और यदि सरकार उन्हें इस परीक्षा का आयोजन करने के आदेश देती है, तो बोर्ड इसे लेकर पूरी तरह से तैयार है।
एचटेट (HTET) पर जल्द लिया जाएगा निर्णय
एचटेट परीक्षा को लेकर भी जल्द ही बोर्ड एक निर्णय लेने वाला है। डा. पवन कुमार ने कहा कि एचटेट परीक्षा का आयोजन कब और किस प्रकार से होगा, इस बारे में जल्द ही एक घोषणा की जाएगी।
उत्तर पुस्तिकाओं की जांच प्रक्रिया
बोर्ड ने आगामी उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन के बारे में भी जानकारी दी। डा. पवन कुमार ने बताया कि 10वीं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच 2 अप्रैल से और 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच 4 अप्रैल से शुरू होगी। सभी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ऑफलाइन माध्यम से किया जाएगा, जो कि पिछले साल के ऑनलाइन मूल्यांकन से एक बदलाव है। उन्होंने बताया कि ऑनलाईन मूल्यांकन में प्रति उत्तर पुस्तिका 35 रुपये का अतिरिक्त खर्च आता था, जबकि ऑफलाइन मूल्यांकन से यह खर्च कम हो जाएगा।
ऑनलाइन मूल्यांकन पर अतिरिक्त खर्च
बोर्ड चेयरमैन ने बताया कि ऑनलाइन मूल्यांकन के माध्यम से प्रति वर्ष करीब 12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आता था, जो कि अब ऑफलाइन प्रक्रिया से बचा जा सकेगा। इस बदलाव से बोर्ड को वित्तीय रूप से राहत मिलने की उम्मीद है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं का आयोजन समय पर हुआ और अब उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। बोर्ड ने इस साल के नकल के मामलों पर भी गंभीरता से विचार किया है और आगे की रणनीतियों पर काम कर रहा है। इसके अलावा, एचटेट और सीईटी के आयोजनों के लिए भी बोर्ड पूरी तरह से तैयार है।