
हरियाणा सरकार ।
खरीद सकते हैं घर और कार।
चंडीगढ़, 29 मार्च 2025:
हरियाणा सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत राज्य के विधायकों को मिलने वाले सस्ते लोन की राशि को 80 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस फैसले के बाद, विधायकों को अब इस राशि का उपयोग घर खरीदने, नई कार खरीदने या अन्य आवश्यकताओं के लिए कर सकते हैं।
क्या है योजना?
पहले यह राशि 80 लाख रुपये थी।
हरियाणा सरकार की यह योजना पहले से चली आ रही थी, जिसके तहत विधायकों को एक निश्चित सीमा तक सस्ते ब्याज दर पर लोन मिलता था। पहले यह राशि 80 लाख रुपये थी, लेकिन अब सरकार ने इसे बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दिया है।
इस लोन राशि का इस्तेमाल विधायक अपने निजी घर के निर्माण या खरीद, नई कार लेने के लिए कर सकते हैं। इसके अलावा, इस राशि का उपयोग अन्य व्यक्तिगत जरूरतों के लिए भी किया जा सकता है, बशर्ते कि यह किसी कानून या नियम के खिलाफ न हो।
सरकारी बयान।
विधायक की सुविधाओं को बढ़ाने के रूप में।
हरियाणा सरकार के अधिकारियों ने इस फैसले को विधायक की सुविधाओं को बढ़ाने के रूप में पेश किया है। राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमने विधायकों के लिए इस लोन राशि को बढ़ाया है, ताकि वे अपनी व्यक्तिगत जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकें। यह निर्णय उनके जीवन स्तर को सुधारने के लिए लिया गया है।”
लोन की ब्याज दर।
विधायकों की आय और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए तय।
इस लोन पर सस्ती ब्याज दर लागू की जाती है, जो बाजार दर से काफी कम होती है। इससे विधायकों को आर्थिक रूप से राहत मिलती है, क्योंकि वे कम ब्याज पर बड़ी राशि का लोन ले सकते हैं। लोन की किस्तें भी विधायकों की आय और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए तय की जाती हैं।
विपक्ष की प्रतिक्रिया।
वहीं विपक्ष ने इसे लेकर सवाल उठाए हैं।
जहां एक ओर यह निर्णय राज्य के विधायकों के लिए राहत का संदेश लेकर आया है, वहीं विपक्ष ने इसे लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार इस प्रकार के फैसलों से विधायक वर्ग को और सुविधाएं देने के बजाय, गरीब और आम जनता की जरूरतों पर ध्यान देनी चाहिए। उन्होंने इस फैसले को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि सरकार को ऐसे फैसले लेने से पहले आम जनता के कल्याण के लिए योजनाएं लागू करनी चाहिए।
हरियाणा सरकार का यह कदम विधायकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, लेकिन यह भी देखने योग्य होगा कि विपक्ष इस पर किस प्रकार की प्रतिक्रियाएं देता है। अब देखना यह होगा कि क्या यह फैसला भविष्य में और भी राज्यों में लागू किया जाएगा, या फिर हरियाणा की इस योजना को अकेले राज्य तक सीमित रखा जाएगा।