
श्लोक का अर्थ: श्लोक में भगवान नारायण की स्तुति की गई है। ब्रह्मा, वरुण, इन्द्र, रुद्र और मरुदगण जैसे देवता उन (परमपुरुष नारायण) की स्तुति करते हैं, जिनका अंत कोई भी देवता और असुर नहीं जानता। योगीजन ध्यान से उनका दर्शन करते हैं, और वे देवता और असुर इस परमात्मा के असंख्य रूपों और गुणों को नहीं जान पाते। यह श्लोक परमात्मा की सर्वव्यापकता और सर्वशक्तिमानता को दर्शाता है।
आज का पंचांग:
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विक्रम संवत 2081 में आज की तिथि चैत्र मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या है।
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आज शनिवार का दिन है, और यह शनि अमावस्या है, जिसे विशेष रूप से शनि देव की पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
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चंद्रमा मीन राशि में है और गुरु का स्वामी है।
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नक्षत्र: आज का नक्षत्र उत्तर भाद्रपद है, जो शाम 7:27 तक रहेगा, फिर यह रेवती में बदल जाएगा।
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ग्रह स्थिति:
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सूर्य मीन राशि में उत्तर भाद्रपद नक्षत्र के चरण 4 में है।
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मंगल वक्री है और मिथुन राशि के पुनर्वसु नक्षत्र के चरण 3 में है।
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बुद्ध वक्री है और मीन राशि के उत्तर भाद्रपद नक्षत्र के चरण 1 में है।
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शुक्र भी वक्री है और मीन राशि के उत्तर भाद्रपद नक्षत्र के चरण 3 में है।
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शनि कुंभ राशि में पूर्व भाद्रपद नक्षत्र के चरण 3 में हैं और रात 9:44 से मीन राशि में प्रवेश करेंगे।
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राहु मीन राशि में पूर्व भाद्रपद नक्षत्र के चरण 4 में है।
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केतु कन्या राशि में उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के चरण 2 में है।
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आज का विशेष योग:
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आज रात 10:03 बजे तक एक शुभ ब्रम्ह योग बन रहा है, जो उच्च शिक्षा, ज्ञान, धन, यात्रा, और संतान के लिए अनुकूल है।
राहु काल:
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आज राहु काल प्रातः 9:00 से 10:00 बजे तक रहेगा, इस दौरान कोई नया कार्य या शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।
मुख्य पर्व:
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शनि अमावस्या: यह दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इस दिन दीपदान, तर्पण और पूजा की जा सकती है। शनि देव की पूजा का भी विशेष महत्व है, क्योंकि वे कर्म, अनुशासन और जीवन की संरचना के प्रतीक माने जाते हैं।
आज की शुभ दिशा:
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आज की शुभ दिशा दक्षिण, पश्चिम, और दक्षिण-पश्चिम मानी गई है।
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यात्रा करते समय पूर्व दिशा से बचें, और यदि यात्रा करना जरूरी हो तो अदरक और उड़द खाकर यात्रा करें।
दैनिक लग्न सारणी:
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प्रातः 5:37 तक कुंभ राशि,
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8:02 तक मीन राशि,
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8:38 तक मेष राशि,
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10:33 तक वृष राशि,
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दोपहर 12:47 तक मिथुन राशि,
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3:07 तक कर्क राशि,
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शाम 5:25 तक सिंह राशि,
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रात 7:41 तक कन्या राशि,
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10:00 तक तुला राशि,
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12:19 तक वृश्चिक राशि,
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2:24 तक धनु राशि।
आज का दिन विशेष रूप से शनि अमावस्या के कारण महत्वपूर्ण है, जिसमें शनि देव की पूजा और पितृदोष निवारण के उपाय किए जा सकते हैं। ग्रहों की स्थिति के अनुसार, कुछ कार्यों को टालने या सावधानी से करने की सलाह दी जा रही है, खासकर राहु काल के दौरान।