
हरियाणा सरकार की एम्नेस्टी स्कीम के अंतर्गत करदाताओं को ब्याज और जुर्माने पर राहत
गुरुग्राम, 30 मार्च: हरियाणा सरकार ने एम्नेस्टी स्कीम के अंतर्गत जीएसटी (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) अधिनियम 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के तहत बकाया करों पर ब्याज और जुर्माने में राहत देने की योजना शुरू की है। करदाताओं को इस योजना का लाभ उठाने के लिए 31 मार्च 2025 तक केवल कर की राशि जमा करानी होगी, जिसके बाद उन्हें ब्याज और जुर्माने की राशि पर छूट दी जाएगी।
गीतांजलि मोर, संयुक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त ने इस स्कीम के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह एम्नेस्टी स्कीम उन व्यापारियों और करदाताओं के लिए है, जो 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के दौरान जीएसटी अधिनियम के तहत अपने बकाया करों के साथ ब्याज और जुर्माने का भुगतान नहीं कर पाए हैं। इस योजना के तहत, इन करदाताओं को ब्याज और जुर्माने में राहत प्राप्त होगी, बशर्ते कि वे 31 मार्च 2025 तक केवल कर की राशि जमा कराएं।
योजना की मुख्य शर्तें:
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कर राशि जमा करने की अंतिम तिथि – 31 मार्च 2025 तक।
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इस तिथि तक करदाता को केवल कर राशि जमा करानी होगी।
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ब्याज और जुर्माने पर राहत – 31 मार्च 2025 तक कर राशि जमा करने पर ब्याज और जुर्माने से राहत प्राप्त होगी।
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यदि किसी करदाता ने इस अवधि के दौरान बकाया राशि पर अपील दायर की है, तो उसे अपील विड्रा करनी होगी और संबंधित विड्रॉल ऑर्डर जीएसटी पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
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31 मार्च 2025 के बाद, बकाया राशि की रिकवरी के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गीतांजलि मोर ने करदाताओं से अनुरोध किया है कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और समय सीमा के भीतर अपनी देनदारियों का भुगतान करें। उनका कहना था कि यह एक सुनहरा अवसर है, जिससे करदाता अपना बकाया भुगतान कर सकते हैं और जुर्माने तथा ब्याज से मुक्ति पा सकते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 मार्च 2025 के बाद यदि कोई करदाता अपनी बकाया राशि का भुगतान नहीं करता है, तो इसके लिए विभाग नियमानुसार कार्रवाई करेगा और बकाया राशि की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस योजना के माध्यम से हरियाणा सरकार करदाताओं को राहत देने की कोशिश कर रही है, ताकि वे अपने बकाए का भुगतान कर सकें और आगे के वित्तीय वर्ष में कर दायित्वों का पालन करने में सक्षम हो सकें।
आखिरी तारीख – 31 मार्च 2025 के बाद बकाया राशि पर कोई राहत नहीं दी जाएगी और सरकार रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर देगी।