
उनमें से आधे से अधिक की उम्र 50 साल से कम होती है।
यह एक गंभीर चिंता का विषय है।
नई दिल्ली, 31 मार्च:
पिछले कुछ वर्षों से यह सवाल सभी को परेशान कर रहा है कि आखिर क्यों कम उम्र के लोग भी हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। चाहे सरकार हो, हेल्थ ऑर्गनाइजेशन हो या आम जनता, यह एक चिंता का विषय बन चुका है। यदि बात करें डॉक्टरों के विचारों की, तो उन्होंने इस पर विस्तार से चर्चा की है और इसके कारणों पर प्रकाश डाला है।
डॉ. महेश वाधवानी का बयान:
खराब लाइफस्टाइल इसका मुख्य कारण है।
फोर्टिस अस्पताल के कार्डियो थोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. महेश वाधवानी ने एक कार्यक्रम में बताया कि अब दिल की बीमारियाँ 50 साल से कम उम्र के लोगों में भी ज्यादा हो रही हैं। उनका कहना था कि अब जो मरीज हार्ट सर्जरी के लिए अस्पताल आते हैं, उनमें से आधे से अधिक की उम्र 50 साल से कम होती है। यह एक गंभीर चिंता का विषय है।
हार्ट अटैक के कारण:
कम उम्र के लोग भी हार्ट अटैक की चपेट में आ रहे हैं।
डॉ. वाधवानी ने बताया कि खराब लाइफस्टाइल इसका मुख्य कारण है। सोने और जागने का समय निर्धारित न होना और देर रात तक जागने की आदत शरीर पर बुरा असर डाल रही है। इसके अलावा, खानपान की आदतें भी खराब हो गई हैं। लोग अब फास्ट फूड खाना ज्यादा पसंद करते हैं और उनकी डाइट में चीनी, नमक और मैदा की मात्रा भी बढ़ रही है। इन सब कारणों के चलते अब कम उम्र के लोग भी हार्ट अटैक की चपेट में आ रहे हैं।
डायबिटीज का प्रभाव:
यह भी हार्ट डिजीज का एक प्रमुख कारण बन रही है।
डॉ. वाधवानी ने यह भी कहा कि भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, और यह भी हार्ट डिजीज का एक प्रमुख कारण बन रही है। डायबिटीज के कारण हार्ट पर गंभीर असर पड़ सकता है और इससे हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ सकता है।
डॉ. एस के वांगनू का बयान:
तब तक यह शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर चुका होता है ।
अपोलो हॉस्पिटल्स के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट और डायबिटीज विशेषज्ञ डॉ. एस के वांगनू ने भी इस पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसके लक्षण शुरुआती दौर में स्पष्ट नहीं होते। जब तक इसके लक्षण दिखाई देते हैं, तब तक यह शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर चुका होता है। विशेष रूप से, यह हार्ट पर गंभीर प्रभाव डालता है।
सही समय पर जांच का महत्व:
डायबिटीज की पहचान करने का सबसे अच्छा तरीका ब्लड शुगर टेस्ट है ।
डॉ. वांगनू ने यह सलाह दी कि डायबिटीज की पहचान करने का सबसे अच्छा तरीका ब्लड शुगर टेस्ट है। महीने में एक या दो बार ब्लड शुगर चेक कराना चाहिए ताकि शरीर में शुगर लेवल का पता चल सके। इसके अलावा, एचबी1एसी टेस्ट भी एक अच्छा टेस्ट है, जो डायबिटीज की पहचान में मदद करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिनके परिवार में कोई डायबिटीज के मरीज हैं, और जिनका लाइफस्टाइल खराब है, मोटापा बढ़ रहा है, या जो स्मोकिंग करते हैं, उन्हें यह टेस्ट जरूर कराना चाहिए।
कैसे बचें हार्ट अटैक से:
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सही आहार: फास्ट फूड और जंक फूड से बचें, हृदय के लिए स्वस्थ आहार अपनाएं।
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नियमित व्यायाम: शारीरिक गतिविधि को बढ़ाएं, कम से कम 30 मिनट का व्यायाम रोज़ करें।
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समय पर निद्रा: सोने और जागने का एक नियमित समय बनाएं, जिससे शरीर का संतुलन बना रहे।
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नियमित स्वास्थ्य जांच: ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराएं।
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तनाव प्रबंधन: मानसिक तनाव से बचें, और आराम की गतिविधियों में शामिल हों।
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धूम्रपान से बचें: तंबाकू और स्मोकिंग से बचने की आदत डालें।