
नव संवत्सर 2082 की शुभकामनाएं और पंचांग विवरण
भद्रा सायं 4:08 बजे से रात 2:33 बजे तक रहेगी
विक्रम संवत 2082 के अंतर्गत आज का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। यह दिन एक नए वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। साथ ही, ग्रहों की स्थिति और विभिन्न योगों के कारण आज का दिन विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण बनता है।
संवत्सर का नाम है: सिद्धार्थी
संवत्सर राजा: सूर्य
संवत्सर मंत्री: सूर्य
आज का ऋतु है: वसंत ऋतु, जो जीवन में सुख, समृद्धि और हरियाली का प्रतीक है।
आज का सूर्य उदय प्रातः 6:15 बजे और सूर्य अस्त सायं 6:35 बजे होगा।
आज का पंचांग
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चैत्र मास शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि: 9:12 AM तक तृतीया तिथि का क्षय होगा।
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ग्रह स्थिति:
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चंद्रमा: आज चंद्रमा मेष राशि में स्थित रहेगा, जो सायं 4:29 तक रहेगा, उसके बाद वृष राशि में प्रवेश करेगा।
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राशि स्वामी: मंगल और शुक्र।
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नक्षत्र: आज प्रातः 11:07 तक भरणी नक्षत्र, उसके बाद कृत्तिका नक्षत्र चरण 1 में प्रवेश करेगा।
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योग
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विषकुम्भ योग (प्रातः 9:48 तक):
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यह योग अशुभ माना जाता है, क्योंकि जब चंद्रमा और शनि एक-दूसरे की दृष्टि में होते हैं या उनकी युति होती है, तो यह मनोवैज्ञानिक समस्याओं का कारण बन सकता है। इस दौरान किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को शुरू करने से बचना चाहिए।
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प्रीति योग (विषकुम्भ योग के बाद):
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यह एक शुभ योग माना जाता है, जो सूर्य और चंद्रमा के बीच की दूरी पर आधारित होता है। यह प्रेम, संबंध और सफलता के लिए अनुकूल होता है, जिससे जीवन में सुख और समृद्धि आती है।
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मुख्य पर्व और व्रत
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दमनक चतुर्थी:
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इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है और विशेष रूप से दमनक पौधे की पूजा की जाती है। दमनक पौधा, जिसे मरुआ या दौना भी कहा जाता है, एक सुगंधित जड़ी-बूटी है। इसके पत्तों और फूलों से दवना तेल निकलता है, जो औषधीय गुणों से भरपूर होता है। इसे विभिन्न प्रकार की बीमारियों के इलाज में प्रयोग किया जाता है।
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भद्रा समय
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भद्रा सायं 4:08 बजे से रात 2:33 बजे तक रहेगी, इस समय कोई शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
शुभ दिशा और दिशा शूल
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आज की शुभ दिशा: दक्षिण-पूर्व।
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दिशा शूल: उत्तर दिशा में यात्रा करने से बचें, अगर यात्रा अत्यंत आवश्यक हो तो गुड़ खाकर प्रस्थान करें।
ग्रहों की स्थिति
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सूर्य: मीन राशि में रेवती नक्षत्र चरण 1 में है।
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मंगल (वक्री): मिथुन राशि पुनर्वसु नक्षत्र चरण 3 में है।
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बुद्ध (वक्री): मीन राशि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 1 में है।
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गुरु: वृष राशि रोहिणी नक्षत्र चरण 4 में स्थित है।
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शुक्र (वक्री): मीन राशि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में है।
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शनि: मीन राशि पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में है।
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राहु: मीन राशि पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में है।
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केतु: कन्या राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 2 में है।
राहु काल
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राहु काल: दोपहर 3:30 बजे से 5:00 बजे तक रहेगा, इस समय कोई शुभ या नया कार्य न करें। यह समय अशुभ होता है और सभी कार्यों में विघ्न आ सकते हैं।
दैनिक लग्न सारणी
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प्रातः 6:50 तक: मीन
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8:26 तक: मेष
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10:21 तक: वृष
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दोपहर 12:36 तक: मिथुन
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2:55 तक: कर्क
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सायं 5:13 तक: सिंह
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7:29 तक: कन्या
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रात्रि 9:38 तक: तुला
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12:07 तक: वृश्चिक
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2:12 तक: धनु
यह पूरा विवरण आज के दिन की स्थिति को पूरी तरह से समझने में मदद करता है, जिससे हम अपने कार्यों की योजना बेहतर तरीके से बना सकते हैं।
आपको फिर से नव संवत्सर की हार्दिक शुभकामनाएं और भगवान गणेश के आशीर्वाद से आपका जीवन हमेशा खुशहाल रहे!