गुरुग्राम, 01 अप्रैल।
डीसी अजय कुमार ने बताया कि जिले में 21 वर्ष तक की आयु का बच्चा जो अपने माता-पिता की सहायता अथवा देखभाल से उनकी मृत्यु होने के कारण, अपने पिता के घर से पिछले 2 वर्ष की अवधि से अनुपस्थित होने के कारण अथवा माता-पिता के लम्बी सजा, जो कि एक वर्ष से कम न हो या मानसिक व शारीरिक अक्षमता के कारण वंचित हो जाते हैं और जिनके माता-पिता, अभिभावक की सभी साधनों से वार्षिक आय ₹2,00,000 से अधिक नहीं है, वह बच्चा हरियाणा सरकार के सामाजिक न्याय एवं सहकारिता विभाग द्वारा दी जा रही वित्तीय सहायता का लाभ प्राप्त कर सकता है।
दो बच्चों तक ₹1850 प्रति माह प्रति बच्चा पेंशन प्रदान की जा रही है।
उन्होंने बताया कि उपरोक्त विभाग द्वारा एक परिवार में दो बच्चों तक ₹1850 प्रति माह प्रति बच्चा पेंशन प्रदान की जा रही है। यह योजना निराश्रित बच्चों को आर्थिक रूप से मदद करने के लिए शुरू की गई है ताकि वे अपना जीवन यापन कर सकें और उन्हें किसी प्रकार की सामाजिक या आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
डीसी ने आगे कहा कि इस स्कीम का लाभ लेने के इच्छुक व्यक्ति के पास कुछ जरूरी दस्तावेज़ होने चाहिए, जिनमें बेसहारा होने का प्रमाण पत्र, बच्चों के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र और आवेदक का 5 वर्ष या उससे अधिक की अवधि का हरियाणा राज्य में निवासी होने का दस्तावेज़ जैसे कि फोटोयुक्त वोटर कार्ड या राशन कार्ड आदि की स्वयं सत्यापित फोटोप्रति शामिल है। इसके अलावा, परिवार पहचान पत्र भी होना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि आवेदक के पास उपरोक्त दस्तावेज़ों में से कोई दस्तावेज़ नहीं है, तो वह कोई अन्य प्रमाण पत्र सहित 5 वर्ष से हरियाणा में रिहायश का हलफनामा दे सकता है। इसके अलावा, यदि बच्चे के माता-पिता या अभिभावक किसी भी सरकारी पारिवारिक पेंशन योजना का लाभ ले रहे हैं, तो वे इस स्कीम का लाभ नहीं उठा सकते।
स्कीम का लाभ लेने के इच्छुक प्रार्थी अपने नजदीकी अंत्योदय सरल केंद्र, अटल सेवा केंद्र या सीएससी केंद्र पर आवेदन कर सकते हैं।
यह योजना उन बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बन सकती है, जिनके पास अपने माता-पिता या अभिभावक का समर्थन नहीं है और वे किसी कठिन स्थिति से गुजर रहे हैं।