
हरियाणा सरकार व्यापार, उद्योग व कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध
व्यापार, उद्योग और कृषि क्षेत्र में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
चंडीगढ़, 2 अप्रैल:
हरियाणा राज्य कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को कोल्ड स्टोरेज मार्किट फीस प्रणाली में बदलाव की मांग की थी। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने एकमुश्त शुल्क प्रणाली को समाप्त कर स्लैब आधारित संरचना में बदलने की जरूरत पर जोर दिया था, ताकि छोटे और मध्यम स्तर के कोल्ड स्टोरेज संचालकों को राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री ने एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की बातों को ध्यान से सुना और उनकी मांग को समर्थन देते हुए इस पर सकारात्मक फैसला लिया। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि अब कोल्ड स्टोरेज फीस को भंडारण क्षमता के आधार पर तय किया जाएगा, जिससे शुल्क की संरचना में सुधार होगा। इस बदलाव से छोटे एवं मध्यम स्तर के कोल्ड स्टोरेज संचालकों को लाभ मिलेगा, क्योंकि इससे उनका वित्तीय बोझ कम होगा। इसके साथ ही यह कदम नए निवेशकों और उद्यमियों को कोल्ड स्टोरेज क्षेत्र में निवेश करने के लिए प्रेरित करेगा।
मुख्यमंत्री का निर्णय व्यापार और कृषि हितों के अनुकूल
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह निर्णय राज्य सरकार की व्यापार, उद्योग और कृषि क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा सरकार की विकास-oriented नीतियाँ हमेशा से छोटे व्यापारियों और किसानों के पक्ष में रही हैं और राज्य में व्यापारिक नीतियों में पारदर्शिता और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार कई कदम उठाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार का उद्देश्य हरियाणा को व्यापार, उद्योग और कृषि क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य बनाना है, और इसके लिए सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है। इस फैसले से न केवल कोल्ड स्टोरेज संचालकों को लाभ होगा, बल्कि कृषि क्षेत्र को भी नई दिशा मिलेगी, जिससे किसानों को अपनी फसलों का सुरक्षित भंडारण करने में मदद मिलेगी। यह पहल कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाएगी और किसानों के लिए उचित भंडारण सुविधाएं उपलब्ध कराएगी, जिससे उन्हें फसलों के बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
एसोसिएशन का आभार और समर्थन
हरियाणा राज्य कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के अध्यक्ष और पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उनके व्यापार और कृषि हितैषी सोच को दर्शाता है और यह प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज सेवाओं का विस्तार करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि इस निर्णय से छोटे और मध्यम स्तर के कोल्ड स्टोरेज संचालकों को राहत मिलेगी और साथ ही कोल्ड स्टोरेज के क्षेत्र में नए निवेशकों को आकर्षित किया जा सकेगा। इससे प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज की क्षमता में वृद्धि होगी और किसानों को अपनी फसलों के भंडारण की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उन्हें अपनी फसलों का संरक्षण और बेहतर कीमत मिल सकेगी।
आर्थिक और कृषि दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कदम
यह निर्णय हरियाणा सरकार की कृषि क्षेत्र में सुधार और व्यापारिक वृद्धि के लिए उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज क्षेत्र का विस्तार करने से किसानों को उनकी फसलों को अधिक समय तक सुरक्षित रखने की सुविधा मिलेगी, जिससे फसल नुकसान की संभावना कम होगी और कृषि उत्पादन में सुधार होगा। साथ ही, यह कदम व्यापारिक विकास को बढ़ावा देगा, क्योंकि छोटे एवं मध्यम उद्यमियों को अधिक अवसर मिलेंगे।
यह निर्णय यह भी दर्शाता है कि सरकार के प्रयासों से प्रदेश में व्यापार और उद्यमिता को नई दिशा मिल रही है और अब हरियाणा में नवीनतम निवेश और व्यावसायिक विकास के लिए और अधिक अवसर उत्पन्न होंगे।
हरियाणा राज्य की इस नई फीस संरचना का कदम राज्य के व्यापार, उद्योग और कृषि क्षेत्र में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे छोटे और मध्यम व्यापारियों को राहत मिलेगी, और प्रदेश में व्यापारिक विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में, हरियाणा सरकार लगातार उन नीतियों पर काम कर रही है जो छोटे उद्यमियों, किसानों और व्यापारियों के लिए फायदेमंद हों, और साथ ही प्रदेश के समग्र विकास को गति दें।