
सरकार दे रही निःशुल्क दवाएँ, स्वास्थ्य सेवाएँ और कानूनी सहायता
एच.आई.वी. रोगी सम्मान और सहयोग के पात्र- एडीसी
सरकार दे रही निःशुल्क दवाएँ, स्वास्थ्य सेवाएँ और कानूनी सहायता
गुरुग्राम, 28 अगस्त- एच.आई.वी. से जूझ रहे लोग हमारे अपने हैं, उन्हें सम्मान और बराबरी का अधिकार मिलना ही चाहिए। यह बात एडीसी वत्सल वशिष्ठ ने “एच.आई.वी. से जीवन यापन कर रहे लोगों की सामाजिक सुरक्षा एवं अधिकार” विषय पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
अपने संबोधन में एडीसी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसके रोग के आधार पर उपेक्षित या अपमानित करना अनुचित है। उन्होंने स्पष्ट किया – “एच.आई.वी. से पीड़ित व्यक्ति भी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सम्मान पाने का उतना ही अधिकार है जितना किसी अन्य नागरिक को।”
उन्होंने बताया कि एच.आई.वी. संक्रमित लोगों के लिए सरकार निःशुल्क जीवनरक्षक दवाइयाँ, समय पर स्वास्थ्य सेवाएँ, पोषण सहायता, रोजगार योजनाएँ, कानूनी संरक्षण और निःशुल्क विधिक सहायता जैसी सुविधाएँ उपलब्ध करा रही है।
एडीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एच.आई.वी. से संबंधित जानकारी को गोपनीय रखा जाए और किसी भी स्तर पर भेदभाव न होने पाए। उन्होंने कहा कि “एच.आई.वी./एड्स निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम, 2017” रोगियों के अधिकारों की सुरक्षा का मजबूत कानूनी कवच है और इसका पालन सभी के लिए अनिवार्य है।
बैठक में उप सिविल सर्जन डॉ. केशव शर्मा, डॉ. रंजना, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण, सभी आईसीटीसी एवं एआरटी स्टाफ, सचिव रेड क्रॉस गुरुग्राम विकास कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर नीलम, सोस्वा और सिद्धांत एनजीओ के प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।